
Artificial Intelligence प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)
MP News: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) अब पारंपरिक पढ़ाई से आगे बढ़ते हुए भविष्य की जरूरतों के हिसाब से खुद को ढाल रहा है। यूनिवर्सिटी ने तय किया है कि आने वाले समय में हर कोर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) को शामिल किया जाएगा ताकि छात्र सिर्फ डिग्री ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री रेडी स्किल्स के साथ बाहर निकलें। कुलगुरु राजेश सिंघई के मुताबिक यह फैसला छात्रों और पूर्व विद्यार्थियों (एलुमनाई) से मिले फीडबैक के बाद लिया गया है। बातचीत में एक बात साफ सामने आई कि आज लगभग हर क्षेत्र में एआइ से जुड़ी समझ या सर्टिफिकेट की मांग बढ़ चुकी है।
ऐसे में डीएवीवी ने इसे हर स्ट्रीम के कोर्स में जोडऩे की रणनीति बनाई है ताकि इंजीनियरिंग, कॉमर्स, आर्ट्स या साइंस, हर छात्र को इसका बेसिक नॉलेज मिल सके। यूनिवर्सिटी सिर्फ सिलेबस अपडेट तक सीमित नहीं रहना चाहती। इसके लिए कोर्स अपग्रेडेशन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, हालांकि कुछ बदलावों के लिए राज्य शासन से अनुमति लेना जरूरी होगा। वहीं स्किल डेवलपमेंट को लेकर भी अलग-अलग प्रोग्राम डिजाइन किए जा रहे हैं, जिनमें कम्यूनिकेशन, लैंग्वेज और सॉफ्ट स्किल्स पर खास ध्यान रहेगा।
प्लेसमेंट को लेकर भी विश्वविद्यालय ने नई रणनीति तैयार की है। हाई पैकेज देने वाली कंपनियों को कैंपस में लाने, इंडस्ट्री एंगेजमेंट बढ़ाने और एलुमनाई नेटवर्क को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी यह भी कोशिश कर रही है कि सिर्फ चुनिंदा विभागों तक ही नहीं, बल्कि अन्य विभागों के छात्रों को भी बेहतर प्लेसमेंट के मौके मिलें। हालांकि हाल के वर्षों में विश्वविद्यालय के कैंपस और प्लेसमेंट में सुधार जरूर देखने को मिला है, लेकिन यूनिवर्सिटी मानती है कि अभी काफी संभावनाएं बाकी हैं। एआइ और स्किल बेस्ड एजुकेशन पर फोकस इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है जो आने वाले समय में छात्रों के करियर को नई दिशा दे सकता है।
डीएवीवी ने बुधवार को अपनी प्लेसमेंट रिपोर्ट जारी की है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 विवि के लिए प्लेसमेंट के लिहाज से मजबूत रहा। खास बात रही कि एक ओर हाई पैकेज के ऑफर मिले तो औसत पैकेज और कंपनियों की संख्या में भी पिछले साल की तुलना में बढ़ोतरी दर्ज की गई। विवि द्वारा जारी प्लेसमेंट रिपोर्ट के अनुसार, इस साल कुल 271 कंपनियों ने कैंपस ड्राइव में हिस्सा लिया और 1091 ऑफर दिए। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 219 कंपनियां और 1039 ऑफर का था। यानी कंपनियों की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा हुआ, जिसका सीधा फायदा छात्रों को मिला। प्लेसमेंट में शामिल विद्यार्थियों में 56 प्रतिशत छात्र और 44 प्रतिशत छात्राएं रहीं।
Published on:
23 Apr 2026 04:14 pm
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
