संकट प्रबंधन समूह की बैठक में हुआ निर्णय, मनोरंजन के साधन नहीं जुटेंगे
खरगोन. आदिवासी लोक संस्कृति के प्रतीक भौंगर्या पर्व पर इस बार कोरोना ने ग्रहण लगा दिया है। जिले में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस लोक संस्कृति पर प्रतिबंध लगा है। इसे लेकर बुधवार को स्वामी विवेकानंद सभागृह में कलेक्टर अनुग्रहा पी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय संकट प्रबंधन समूह की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि जिले में कहीं भी भौंगर्या का आयोजन नहीं होगा। सिर्फ पूर्व की तरह हाट बाजार लगाए जा सकेंगे। हाट बाजार में अब मनोरंजन के साधन जैसे झूले, नाटक-तमाशे व तंबू लगाकर इनामी स्पर्धा जैसे स्टॉल या दुकानें पर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
हाट बाजारों में ढोल या मांदल लेकर कोई भी नागरिक नहीं आ सकेंगे। संकट प्रबंधन समूह ने इस बात पर भी गौर किया कि ढोल, मांदल मोहल्ला या ग्राम स्तर तक सीमित लोगों द्वारा बजाया जा सकेगा। यह भी एक सांकेतिक तौर पर ही होगा। इसके अलावा महाराष्ट्र से आने वाले व्यापारियों को हाट बाजार में नहींआने देंगे।
धारा 144 लागू
बैठक में कलेक्टर ने सभी एसडीएम, जनपद सीईओ को निर्देश दिए कि महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों की पहचान कर उन्हें होम क्वारेंटीन किया जाएगा। अपर जिला दंडाधिकारी एमएल कनेल ने जिले में धारा 144 को 31 मार्च तक प्रभावशील रखा है।
नियमों का करें पालन
100 से ज्यादा लोगों की सहभागिता पर कार्यक्रम की लेना होगी अनुमति।
दुकानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर मास्क, दो गज दूरी का पालन करना होगा।
मास्क का उपयोग नहीं करने वाले व्यक्तियों पर जुर्माना लगाएंगे।
महाराष्ट्र से आने वाली सभी यात्रियों को किया जाएगा होम क्वारेंटीन।