15 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भोजशाला फैसले के बाद अचानक सुप्रीम कोर्ट पहुंचा हिंदू पक्ष, रखी ये मांगे

MP News: हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार कैविएट याचिका दाखिल की और कहा कि उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई के दौरान उसका पक्ष सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए।

2 min read
Google source verification

इंदौर

image

Akash Dewani

May 15, 2026

bhojshala verdict hindu side files caveat in supreme court mp news

Hindu side files caveat in supreme court after bhojshala verdict (फोटो-Patrika.com)

Bhojshala Verdict: मध्यप्रदेश के धार की भोजशाला (Bhojshala) को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने बड़ा फैसला सुनाते हुए भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर माना है। हाईकोर्ट से बड़ा झटका मिलने के बाद मुस्लिम पक्ष ने कहा था कि मामले को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में इस फैसले को चुनौती देंगे। हालांकि, मुस्लिम पक्ष के इस घोषणा को हिंदू पक्ष ने गंभीरता से लिया और सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार कैविएट दाखिल की और कहा कि उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई के दौरान उसका पक्ष सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए। (MP News)

कैविएट में क्या की गई मांग

हिंदू पक्ष की तरफ से अभिवक्ता वरुण कुमार सिन्हा के माध्यम से जितेंद्र सिंह 'विशेन' सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की। इसमें हिन्दू पक्ष किन तरफ से कोर्ट से मांग की गई कि भोजशाला मामले में पार्थी को सूचना दिए बिना कोई आदेश पारित नहीं किया जाए। बता दें कि, जितेंद्र सिंह भोजशाला मामले में छठे याचिकाकर्ता थे जिस पर शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने फैसला सुनाया।

सुप्रीम कोर्ट में देंगे चुनौती- मुस्लिम पक्ष

हाईकोर्ट से झटका मिलने के बाद काजी वकार सादिक ने कहा था कि वे हाईकोर्ट के फैसले की समीक्षा करेंगे और इसको सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। काजी की घोषणा के बाद हिंदू पक्ष सतर्क हो गया। सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की संभावित याचिका पर कोई आदेश उसकी आशंका को देखते हुए एक हिन्दू पक्ष ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए कैविएट दाखिल कर दी।

क्या होता है कैविएट?

कैविएट याचिका (Caveat) एक तरह की पहले से दी गई कानूनी सूचना होती है, जिसे कोई व्यक्ति कोर्ट में इसलिए दाखिल करता है ताकि उसके खिलाफ कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसे सुना जाए। इसका मकसद यह होता है कि अदालत एकतरफा आदेश न दे और फैसला लेने से पहले कैविएटर को अपना पक्ष रखने का मौका मिले। कैविएट याचिका खास तौर पर तब लगाई जाती है, जब किसी व्यक्ति को आशंका हो कि सामने वाला पक्ष कोर्ट से उसके खिलाफ कोई आदेश लेने की कोशिश कर सकता है।

भोजशाला फैसला एक नजर में

  • भोजशाला परिसर मंदिर है। सर्वे से साफ हो गया है
  • आवेदन किए जाने पर मस्जिद के लिए सरकार धार में ही कहीं और जमीन अलॉट करें।
  • केंद्र सरकार मूर्ति वापस लाने के लिए करे प्रयास।
  • भोजशाला का कब्जा रहेगा ASI के पास (MP News)