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इंदौर में वर्क फ्रॉम होम! अगर 30 लाख वाहनों के पहिए थमे तो हर महीने करोड़ों का फायदा

Work From Home Indore: पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद एमपी के इंदौर में भी पेट्रोल-डीजल बचाने की कवायद शुरू हो गई है। आर्थिक एक्सपर्ट्स का दावा है कि एक दिन भी वर्क फ्रॉम होम लागू किया गया, तो शहर में हर महीने 100 करोड़ रूपए का ईंधन बचाया जा सकता है। पढ़ें अर्थशास्त्रियों ने क्या दिए सुझाव?

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इंदौर

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Sanjana Kumar

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भूपेंद्र सिंह

May 15, 2026

Indore Work From Home

Indore Work From Home: (photo: patrika creative)

Work From Home Indore: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील करते हुए वाहन छोड़ने और वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है। इसके बाद देशभर में पेट्रोल-डीजल को लेकर बहस छिड़ गई। दिल्ली सरकार ने वर्क फ्रॉम होम को लेकर आदेश जारी किए हैं। इस बीच बता दें कि अगर इंदौर में सप्ताह में एक दिन के लिए वर्क फ्रॉम होम करते हुए पेट्रोल डीजल के वाहन छोड़ दिए जाएं तो करीब एक महीने में 100 करोड़ रुपए के डीजल-पेट्रोल की बचत हो सकती है।

जनता का सहयोग जरूरी

प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने काफिले में वाहन कम कर सभी को बचत का संदेश दिया है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में भी होड़ लगी है, लेकिन आम जनता जब तक इसे नहीं अपनाएगी, तब तक बात नहीं बन सकेगी। पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के राजेन्द्र सिंह के अनुसार शहर में हर दिन 10 लाख लीटर पेट्रोल और 15 लाख लीटर डीजल की खपत होती है।

इंदौर में आइटी और अन्य कंपनियों के ऑफिस हैं ज्यादा

इंदौर शहर की आर्थिक राजधानी इंदौर में करीब 30 लाख से अधिक पेट्रोल-डीजल वाहन हैं। इंदौर में आइटी और अन्य कंपनियों के ऑफिसेस बड़ी संख्या में है। व्यवसाय, उद्योग, एजुकेशन सेक्टर से जुड़े वाहन भी बड़ी संख्या में .यहां दौड़ते हैं। अर्थशास्त्री जयंतीलाल भंडारी ने बताया, अगर सप्ताह में एक दिन भी ये वाहन न चलाए जाएं, तो औसतन एक सप्ताह में 25 करोड़ और महीने में 100 करोड़ का पेट्रोल-डीजल शहर में आसानी से बचाया जा सकता है।

अर्थशास्त्री भंडारी ने सुझाए विकल्प

  • सप्ताह में एक दिन ऑफिसेस, स्कूल-कॉलेज, कोचिंग समेत अन्य सेक्टर में वर्क फ्रॉम होम किया जा सकता है।
  • व्यवसाय से जुड़े लोग कार पूलिंग, ई-व्हीकल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को अपनाएं।
  • चौराहों पर स्मार्ट सिग्नल लगाए जा सकते हैं, ताकि देर तक वाहन खड़े न रहें।
  • मुंबई-पुणे की तर्ज पर लिफ्ट ले लो की कवायद की जा सकती है, ऑनलाइन जुड़कर भी एक वाहन से कई लोग एक साथ सफर कर सकते हैं।
  • प्रदेश सरकार को सप्ताह में एक दिन के लिए वर्क फ्रॉम के आदेश जारी करना चाहिए।
  • इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन की योजना बनाई जानी चाहिए, उसके मुताबिक चार्जिंग स्टेशन भी बढ़ाए जानें चाहिएं।