
Electricity theft in indore:मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी गठन के बाद भर्ती हुए लाइनमैन अब 55 वर्ष की आयु के बजाय 62 वर्ष में रिटायर्ड होंगे। संविदा कार्मिकों को अन्य कर्मचारियों के समान भर्ती दिनांक से नियमानुसार ग्रेचुटी दी जाएगी। इसके साथ ही बिजली चोरी पकड़वाने वाले सूचनादाता को पारितोषिक (इनाम) भी दिया जाएगा। यह फैसले कल बिजली वितरण कंपनी इंदौर के पोलोग्राउंड स्थित सभागार में निदेशक मंडल की रखी गई बैठक में लिए गए।
अध्यक्षता मप्र ऊर्जा विभाग के सचिव एवं कंपनी के चेयरमैन विशेष गढ़पाले ने की। बैठक में बिजली चोरी और अनियमताएं रोकने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा तैयार वी कनेक्ट ऐप के माध्यम से चोरी व अनियमितता की सूचना देने वाले आम आदमी को डीबीटी पद्धति से इनाम यानी प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव अनुमोदित हुआ। बैठक में मीटरीकरण, उपभोक्ता सेवा संचालन, बिजली आपूर्ति, स्मार्ट मीटर, आरडीएसएस, एसएसटीडी विषयों पर भी चर्चा हुई।
प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने कंपनी के कार्यों की प्रगति रिपोर्ट, कार्ययोजना की प्रस्तुति दी। बैठक में निदेशक मंडल सदस्य व विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी विजय गौर, डॉ. अरुणा तिवारी, नए सदस्य अंकुश नाले, मुख्य महाप्रबंधक प्रकाश सिंह चौहान, कंपनी सचिव आराधना कुलकर्णी आदि मौजूद थे।
कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने बताया कि वी कनेक्ट ऐप के माध्यम से बिजली चोरी की सूचना देने पर यदि 10 हजार से ज्यादा की पंचनामा राशि, सिविल दायित्व की राशि का प्रकरण बनता है तो पारितोषिक प्रदान किया जाएगा।
-100 रुपए प्रति किलोवाट व्यावसायिक श्रेणी में
-100 रुपए प्रति एचपी कृषि श्रेणी में
-500 रुपए प्रति सूचना मीटर से छेड़छाड़ पर
-500 रुपए प्रति सूचना अन्य परिसर में बिजली उपयोग पर
-500 रुपए प्रति सूचना बिजली चोरी, हुकिंग और अवैध कनेक्शन पर
-500 रुपए प्रति सूचना स्वीकृत श्रेणी से अन्य श्रेणी में उपयोग पर
-500 इनाम की यह राशि डीबीटी विधि से सूचना देने वाले के बैंक खाते में विधिवत जमा की जाएगी।
-100 रुपए प्रति सूचना गलत मीटर रीडिंग पर
जानकारी के लिए बता दें कि प्रदेश के 1.30 करोड़ उपभोक्ताओं में से करीब 59 फीसद के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। मतलब आधे से अधिक उपभोक्ता स्मार्ट मीटर वाले हो चुके हैं। तब भी प्रदेश में बिजली चोरी, ट्रिपिंग और अघोषित कटौती जारी है। प्रदेश पर जब स्मार्ट मीटर लगाने की योजना लागू की थी तब, दावे किए थे कि चोरी रोकने में मदद मिलेगी। उपभोक्ता सेवाओं में भी आमूल-चूल सुधार होगा। लेकिन उपभोक्ताओं को बीते वर्ष की तरह बत्ती गुल का सामना करना पड़ रहा है। हाल के दिनों में एमपी के भोपाल, इंदौर समेत कई शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में 2 से लेकर 11 घंटे तक बिजली गुल रही है। अब तो ट्रिपिंग से परेशान लोग तो सोशल मीडिया पर गुस्सा भी जाहिर करने लगे हैं।