चोरी होने व बवाल के बाद आधार केंद्र बंद, कंपनी ने किया फैसला, पुलिस प्रशासन पहले करे सुरक्षा व्यवस्था
इंदौर। कलेक्टोरेट की सैटेलाइट बिल्डिंग में संचालित हो रहे आधार कार्ड बनाए जाने वाला केंद्र सात दिन के लिए बंद कर दिया गया है। लोकसेवा केंद्र में फैली अव्यवस्था के बीच में केंद्र के सुपरवाइजर का लेपटॉप चोरी हो गया था। पुलिस ने जब हॉल खाली कराया तो बवाल हो गया। हालांकि लेपटॉप तो मिल गया, लेकिन घटना के बाद केंद्र ने सात दिन आधार नहीं बनाए जाने का फैसला किया। कहना है कि प्रशासन व पुलिस पहले सुरक्षा व्यवस्था करें।
मंगलवार के दिन वैसे भी प्रशासनिक संकुल में खासी भीड़भाड़ रहती है। लोग जनसुनवाई के साथ में लोकसेवा केंद्र में बीपीएल कार्ड बनाने के लिए पहुंच जाते हैं। वहीं, आधार कार्ड बनवाने वालों की तो सुबह ५.३० बजे से कतार लग जाती है। रोज चार से पांच सौ लोग आते हैं।
मशीनें कम होने के कारण दो-तीन सौ के बीच में कार्ड बन पाते हैं। कल मंगलवार होने की वजह से काफी भीड़ थी। केंद्र के सुपरवाइजर साफ-सफाई कर रहे थे कि भीड़ में से किसी ने बैग गायब कर दिया जिसमें दो लेपटॉप थे। तलाश करने के बाद भी जब नहीं मिले तो तुरंत पुलिस को फोन लगाया। जानकारी लगने के बाद केंद्र संचालित करने वाली आइसेक्ट कंपनी के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस में मौजूद भीड़ की जांच कर सभी को बाहर निकाल दिया। इस पर जमकर बवाल हो गया। हालांकि पुलिस की सख्ता का असर ये हुआ कि लेपटॉप का बैग उन कुर्सियों के नीचे मिल गया जहां पर जनता बैठकर अपनी बारी का इंतजार करती है। घटना के बाद कंपनी ने एक सप्ताह के लिए केंद्र को बंद करने का फैसला किया। साफ कर दिया है कि जब तक सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी तब तक केंद्र शुरू नहीं किया जाएगा।
क्यों हो रहा है धीमा काम
इ-गवर्नेंस के जरिए नगर निगम के सभी जोनों पर आधार केंद्र खोले जाना हैं। उसको लेकर स्वीकृति भी हो गई है, लेकिन ये काम बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। इधर, जनता परेशान हो रही है और दिन-ब-दिन माहौल बिगड़ रहा है। इसकी मुख्य वजह ये भी है कि इ-गवर्नेंस ने पुराने ऑपरेटरों के आइडी बंद कर दिए हैं। नए चालू नहीं किए जा रहे हैं। इस वजह से लगातार मशीनें घट गई हैं।