
Asaram : बाबा आसाराम को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। हाल ही में उसे पैरोल पर 20 दिनों के लिए रिहा किया गया है। जेल से छूटने के बाद आसाराम उज्जैन में रह रहा है। वह पंचकर्म कराने 2 दिन धन्वंतरि आयुर्वेदिक अस्पताल भी गया था। आसाराम को सीने में दर्द की शिकायत भी है। बताया जा रहा है कि वह उज्जैन से ही जोधपुर के लिए रवाना होगा। 85 साल के आसाराम को नाबालिग की शिकायत के बाद 2013 में इंदौर आश्रम से गिरफ़्तार किया गया था। उसने शरीर में बुरे साए को दूर करने के नाम पर किशोरी को कमरे में बुलाया था। मां पिता बाहर भगवान से अपने बेटी के ठीक हो जाने की प्रार्थना करते रहे और अंदर आसाराम गंदा काम करता रहा। उसपर दुष्कर्म का एक अन्य केस भी है।
जिस किशोरी का यौन उत्पीड़न किया गया था उसके माता पिता आसाराम के अनुयायी थे और उन्हें भगवान जैसा मानते थे। उन्होंने अपनी बेटी को अध्ययन के लिए छिंदवाड़ा आश्रम भेजा था। उसकी तबियत खराब हुई तो आसाराम ने यह कहकर जोधपुर बुलाया कि उसके शरीर में कोई बुरा साया है। उसके प्रभाव को दूर करने का दावा किया।
माता पिता अपनी बेटी को लेकर जोधपुर आश्रम पहुंच गए। वहां आसाराम ने रात में इलाज के लिए कमरे में बुलाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। डरी सहमी पीड़िता ने सुबह अपने माता पिता को बाबा की यह हरकत बताई। इसके बाद आसाराम के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया गया था। मामले में जब कोर्ट ने उसे सजा सुनाई तो किशोरी के परिजनों ने संतोष व्यक्त किया था।
आसाराम की पैरोल 26 अक्टूबर को खत्म हो रही है। इसके बाद उसे फिर जेल जाना होगा। इधर आसाराम लगातार बीमार बना हुआ है। उज्जैन के डॉ. निपेंद्र मिश्रा ने बताया कि आसाराम को सिर दर्द, कमर दर्द और शरीर में दर्द की शिकायत है। उसे 14 दिन पंचकर्म कराने को कहा गया था। सीने के दर्द का इलाज पहले से ही चल रहा है। पैरोल पर छूटने के बाद उज्जैन आश्रम जाने के पहले आसाराम को एक अस्पताल भी जाना पड़ा था। उसके बाहर रहने की अवधि अब समाप्त हो रही है। पैरोल खत्म होने से ऐने पहले सीने में दर्द फिर उठने लगा है।