शहर में कोरोना संक्रमण होने लगा कम 51 फीवर क्लिनिक बनाए गए थे31 टीमें कर रही थी सैंपल कलेक्शन
इंदौर।
कोरोना महामारी की तीसरी लहर को देखते हुए जिले में सर्दी, खांसी और बुखार के इलाज के लिए 51 फीवर क्लिनिक शुरू किए थे। इनमें जांच भी की जा रही थी लेकिन संक्रमण कम होने से सभी बंद कर दिए गए हैं। विभाग इससे पहले कोरोना की जांच करने वाली आरआरटी टीमें भी बंद कर चुका है। अब कोरोना संक्रमण की जांच सरकारी अस्पतालों में निशुल्क की जा रही है।
जानकारी के अनुसार जिले में क्लिनिक प्रेमकुमारी देवी हॉस्पिटल, शिवाजी नगर यूपीएचसी (शहरी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र), निरंजनपुर यूपीएचसी, खजराना यूपीएचसी, बड़ी ग्वालटोली, जूनी इंदौर डिस्पेंसरी, शिवकांत नगर यूपीएचसी, भंवरकुआं डिस्पेंसरी, पीएचसी बिचौली हप्सी, मल्हारगंज पाली क्लिनिक सीएचसी बाणगंगा, यूपीएचसी भमोरी, सुभाष नगर यूपीएचसी, अरण्य नगर डिस्पेंसरी यूपीएचसी, मांगीलाल चूरिया हॉस्पिटल आदि खोले गए थे। संक्रमण कम हो गया और मरीजों का आंकड़ा भी। ऐसे में ये क्लिनिक सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए कर दिए गए हैं। यहां मरीज पूर्व की तरह अपना इलाज और जरूरी जांचें करवा सकते हैं।
31 टीमें थी मैदान में
कोरोना का हॉट स्पॉट रहे इंदौर में संक्रमण पर काबू पाने के लिए तीसरी लहर में 31 टीमें मैदान में उतारी गईं थीं। तहसील स्तर पर कोविड केयर सेंटर के साथ इंदौर में राधास्वामी और कोविड केयर सेंटर भी बनाया गया था। तीसरी लहर पहली और दूसरी की अपेक्षा कम प्रभावी रही, मरीजों को इनकी जरूरत ही नहीं लगी। संक्रमित लोग होम आइसोलेशन में सामान्य दवाओं से ही स्वस्थ हो गए।
सामान्य के साथ कोरोना मरीज
शहर में संक्रमण कम होने से अधिकतर शासकीय स्थानों पर कोरोना की जांच बंद कर दी गई है। सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर ही की जा रही है। यहां सामान्य मरीजों के साथ संक्रमित संदिग्ध मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों को मरीज में कोरोना के लक्षण दिखाई देने या मरीज के कहने पर कोविड टेस्ट किया जा रहा है। अस्पतालों में कोरोना संक्रमण या संदिग्ध मरीज के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है।
पूर्व की तरह सेवाएं
जिले में संक्रमण कम होने से फीवर क्लिनिक बंद कर पूर्व की तरह ही वहां मरीजों का इलाज, जांच और दवाएं दी जा रही हैं। कोरोना जांच शासकीय अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क की जा रही है।
डॉ. प्रदीप गोयल, प्रभारी सीएमएचओ