डीएवीवी में जिम्मेदारों की लेटलतीफी, एमफिल हुआ जीरो ईयर

पीएचडी नियमों में बदलाव से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने टाली प्रवेश परीक्षा

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Dec 29, 2016
davv

अभिषेक वर्मा @ इंदौर. नैक से ए ग्रेड यूनिवर्सिटी का दर्जा हासिल करने वाला डीएवीवी रिसर्च को लेकर गंभीर नहीं है। ताजा सत्र में एक भी विभाग में एमफिल की सीटों पर एडमिशन नहीं हो पाए। प्रवेश परीक्षा में लेटलतीफी के कारण जीरो ईयर हो गया, जबकि कई यूनिवर्सिटी में एमफिल के पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं।
पीएचडी व एमफिल की प्रवेश परीक्षा के लिए यूनिवर्सिटी ने अलग सेल बनाई है। इसके पास साल में दो बार प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी है। पीएचडी में गाइड के पास खाली होने वाली सीटों पर दूसरों को मौका देने के लिए ज्यादातर यूनिवर्सिटी समय पर प्रवेश परीक्षाएं करा रही हैं, लेकिन डीएवीवी में साल में एक भी प्रवेश परीक्षा नहीं हो पाई। जिम्मेदार अधिकारी यूजीसी द्वारा पीएचडी के नियमों में बदलाव को देरी की वजह बता रहे हैं, जबकि एमफिल को लेकर खास बदलाव नहीं किए गए।

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सभी यूनिवर्सिटी में समान नियम लागू होने से अगस्त-सितंबर तक एडमिशन हो चुके हैं। यूनिवर्सिटी के विभागों में एमफिल की करीब 350 सीट हैं। पिछली प्रवेश परीक्षा में 1500 से ज्यादा आवेदन मिले थे। जिन्हें पिछले साल मौका नहीं मिला, वे इस बार शामिल होने की तैयारी में थे। सत्र जीरो ईयर होने से अगले सत्र में ही मौका मिलेगा।

DAVV not serious about PhD and m phil research

बदलाव अप्रूव नहीं हुए
यूजीसी ने ऑर्डिनेंस में बदलाव किए हैं जो कोऑर्डिनेशन कमेटी में अप्रूव होना है। बाकी यूनिवर्सिटी ने नियम माने बगैर प्रवेश दे दिए होंगे। एमफिल सेशन जीरो ईयर हो गया है।
प्रो. गणेश कावडिय़ा, पीएचडी सेल प्रभारी
Published on:
29 Dec 2016 11:03 am
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