
इंदौर में एक लड़की ने चलती गाड़ी को रूकवाया, फिर उसके साथ आए दो युवकों ने कार में बैठे युवकों पर चाकू से हमला बोल दिया, जिससे कार में सवार एक युवक की मौत हो गई, ये युवक इंदौर में रहकर बीटेक कर रहा था और जिस लडक़ी ने गाड़ी रूकवाई थी उसके बॉयफ्रेंड का दोस्त था। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने इंदौर में नाइट कल्चर को बंद कराने की डिमांड की है, उन्होंने कहा कि हम इस बारे में गृहमंत्री से भी चर्चा कर इंदौर में नाइट कल्चर को बंद कराने की मांग करेंगे।
मृतक के मामा गौतम टेटवाल ने कहा कि मुझे लगता है कि मेरा भानजा प्रभास बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए दोस्तों के साथ उज्जैन जा रहे थे, रात में तीन चार लडक़े उसके पीछे पड़े, उसकी गाड़ी रूकवाई और उस पर चाकू से हमला किया, मैं ऐसा मानता हूं इंदौर में जो नाइट कल्चर चल रहा है उसे बंद किया जाना चाहिए, सरकार को इसे बंद करना चाहिए, रात में जिन ऑफिसों में काम चल रहा है उसमें व्यवस्था करना चाहिए, बाकि बंद किया जाना चाहिए, मोनू बीटेक की पढ़ाई करता था।
ये है पूरा मामला
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में मंगलवार देर रात एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि राजगढ़ निवासी युवक मोनू उर्फ प्रभास पंवार साकेत नगर के ईश्वर अपार्टमेंट में रहता था और बीटेक की पढ़ाई कर रहा था, वह अपने दोस्तों के साथ रात को महाकाल के दर्शन करने के लिए निकला था, कार में उसके साथ उसके दोस्त टीटू, रचित, विशाल ठाकुर और एक अन्य दोस्त के साथ थे, उसी समय टीटू की गर्लफ्रेंड दो युवकों के साथ आई और कार को रूकवाकर उसमें सवार विशाल से हाथ मिलाया, इसी दौरान उसके साथ आए युवकों ने कार में सवार रचित पर हमला कर दिया, वहीं पास में मोनू उर्फ प्रभास बैठा था, जिसे भी चाकू मार दिया, चाकू मोनू के सीने में लगने से उसकी मौत हो। घटना को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए। इस मामले में मृतक के परिजनों कि सरकार से इंदौर में नाइट कल्चर को बंद करने की मांग की जा रही है।
फिल्मी स्टाइल में एक लडक़ी द्वारा चलती कार को रूकवाना और फिर उसके साथ आए युवकों द्वारा कार में सवार युवकों पर ताबड़तोड़ चाकूओं से वार करने वाली इस घटना की जांच में पुलिस जुट गई है, लेकिन जब तक आरोपी नहीं पकड़े जाते तब तक ये कहना भी मुश्किल हो रहा है कि आखिर ऐसा क्या विवाद था, जो एक लडक़ी ने अपने बॉयफ्रेंड के दोस्त को ही मरवा दिया। घटना के बाद से ही इंदौर सहित प्रदेशभर में दहशत का माहौल है, क्योंकि प्रदेश के अधिकतर जिलों से युवक-युवतियां पढऩे के लिए इंदौर आते हैं, ऐसे में यहां का माहौल खराब होना या इस प्रकार की वारदातें होना पैरेंट्स के लिए चिंता का विषय हो गया है, ऐसे में वे अपने बच्चों को भी पढ़ाई पर ध्यान देने और अन्य चीजों से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं।