महू से भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने प्रतिद्वंदी दल पर आरोप लगाने के बजाय लीग से हटकर दिये गए एक विवादित बयान को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने संज्ञान लिया है।
इंदौर/ मध्य प्रदेश में उपचुनाव का दौर जोरो शोर पर चल रहा है। ऐसे में अपने प्रतिद्वंदी दल पर आरोप प्रत्यारोप के जरिये प्रचार का सिलसिला आमतौर पर देखने को मिल रहा है। लेकिन, हालही में मंत्री और महू से भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने प्रतिद्वंदी दल पर आरोप लगाने के बजाय लीग से हटकर दिये गए एक विवादित बयान को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने संज्ञान लिया है।
आयोग ने मांग 48 घंटे में जवाब
विधायक उषा ठाकुर को दिया गया नोटिस उनके द्वारा 20 अक्टूबर को परदेशीपुरा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मदरसे को लेकर दिए गए बयान पर दिया गया है। ठाकुर ने कहा था सारा कट्टरवाद, सारे आतंकवादी मदरसे में पले-बढ़े हैं। मदरसे बंद होना चाहिए। आयोग ने इसे आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन मानकर 48 घंटे में जवाब देने को कहा गया है।
ठाकुर ने कही थी ये बात
संस्कृति मंत्री और भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने कहा था कि, सारे आतंकवादी मदरसों में पले-बढ़े और इन्हीं लेगों ने जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद की फैक्ट्री बना डाला है। सभी बच्चों को समान शिक्षा दी जानी चाहिए। धर्म आधारित शिक्षा कट्टरता फैला रही है। नफरत फैला रही है। ऐसे मदरसे जो हमें राष्ट्रवाद और समाज की मुख्यधारा से नहीं जोड़ सकते, हमें उन्हें ही सही शिक्षा से जोड़ना चाहिए और समाज को सबकी प्रगति के लिए आगे लेकर जाना चाहिए।