एक दिन पहले फ्लैट के कागज ले गए थे सूदखोर, मार्निंग वॉक से लौटकर दे दी जान
इंदौर. पिता ने अपनी बेटी की कॉपी में सुसाइड नोट ( Suicide note ) लिखकर जान दे दी। वह सूदखोरों से बहुत परेशान हो चुके थे। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि मेरा सफर यहीं तक है। अब बच्चों तुम कुशल से रहना। बड़ी बेटी के लिए लिखा है कि परिवार और मां का ध्यान रखना। कर्जा बहुत हो गया है, अब देना संभव नहीं है, इसलिए आत्महत्या ( suicide ) कर रहा हंू।
हीरा नगर पुलिस के मुताबिक, उधार लिए रुपए ब्याज ( interest ) सहित कई गुना चुकाने के बाद भी सूदखोर द्वारा परेशान करने पर शालीमार स्वयं में फ्लैट नंबर 203 निवासी इंजीनियर ( Engineer ) हेमंत (49) पिता शिवा बोरकर ने बुधवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हेमंत रोज की तरह 6 बजे मॉर्निंग वॉक करने गए। 8 बजे लौटकर बेटी की कॉपी से एक पेज फाड़ा और कमरे में गए। पन्ने पर सुसाइड नोट लिखकर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद कमरे में पत्नी नीता आई तो पति को फांसी पर देख शोर मचाया। इस पर बच्चे आ गए। बाद में पड़ोसियों को बुलाकर हेमंत को फंदे से उतारा। सूचना मिलने पर भाई अक्षय भी पहुंच गया। वे उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन मौत हो चुकी थी। अक्षय ने बताया कि हेमंत एक कंपनी में काम करते थे। कुछ समय पहले नौकरी छोड़ दी। फिलहाल सिविल वर्क के ठेके लेते थे।
कई गुना राशि चुकाने के बाद भी परेशान कर रहे थे
जांचकर्ता हेड कांस्टेबल सुभाष ने बताया कि हेमंत के पास जो सुसाइड नोट मिला है उसमें परदेशीपुरा के गोलू, उमेश व शिव के नाम हैं। अक्षय ने बताया कि इन तीनों से कुछ समय पहले हेमंत ने रुपए उधार लिए थे। ब्याज सहित कई गुना राशि चुका चुके थे। इसके बाद भी तीनों परेशान कर रहे थे। मोबाइल पर धमकी देते थे। इसकी रिकॉर्डिंग घटना के बाद परिवार ने हेमंत के मोबाइल में सुनी।
तीनों अकसर घर आकर भी धमकी देते थे। मंगलवार को फ्लैट के पेपर भी जबरन ले गए। इसके बाद हेमंत काफी तनाव में आ गए। परिवार का आरोप है, सूदखोरों से परेशान होकर हेमंत ने आत्महत्या की। परिवार में पत्नी के अलावा बेटी तन्नू, शालिनी व बेटा हर्ष हैं। बुधवार को एमवाय अस्पताल में पोस्टमॉर्टम हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।