
इंदौर. कोरोना के कहर से जूझ रहे लोगों और उनके परिजन को नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने की फैक्ट्री (fake remdesivir injection factory) भी खोलने की तैयारी की जा रही थी। इन आरोपियों ने केवल तीन दिन में ही दो करोड़ रुपए कमा लिए थे। इतने रुपए कहां रखें यह तक इन्हें नहीं सूझ रहा था, इसलिए इन लोगों ने फैक्ट्री खोलने का मन बना लिया था।
विजय नगर पुलिस नकली रेमडेसिविर मामले में पुनीत शाह, कौशल बोहरा, सुनील मिश्रा, कुलदीप सांवलिया, प्रशांत पाराशर से पूछताछ कर रही है। पुनीत शाह और कौशल को लेकर पुलिस गुजरात गई है। वहां उनके घर व फार्म हाउस की सर्चिंग की जा रही है। गुजरात पुलिस से भी केस की जानकारी ली जाएगी। वहीं एक टीम महाराष्ट्र गई है। वहां स्टीकर व शीशी देने की जांच कर रहे हैं।
आरोपियों ने दो दिन में ही गुजरात, महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचकर 2 करोड़ रुपए कमा लिए थे। कौशल को समझ नहीं आ रहा था कि इतना रुपया कहां रखे। सुनील ने जो इंजेक्शन बेचे उसके रुपए खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। कौशल ने उसे कहा था, इंजेक्शन बेचने से जो कमाई होगी उससे इंजेक्शन बनाने की फैक्ट्री शुरू करेंगे। इसी के चलते सुनील पूरा रुपया उसे दे रहा था।
फैक्ट्री में कौशल, पुनीत व सुनील पार्टनर होते। गुजरात पुलिस ने इनसे 70 लाख रुपए जब्त किए है। कौशल के तीन चार बैंक खाते पुलिस ने सीज कर दिए हैं। रिमांड खत्म होने पर प्रशांत को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
यह भी पढ़ें