एक गोली सिर में मारी फिर दो सीने पर मार दी गई। एक गोली गुंडे को नहीं लगी। घटना के बाद बदमाश पैदल ही गली से होते हुए भाग निकले।
परदेशीपुरा इलाके की घटना, सिर व छाती पर गोली मारकर की हत्या
इंदौर. परदेशीपुरा इलाके में गुंडे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना स्थल पर वह किसी का इंतजार कर रहा था। तब दो नकाबपोश बदमाश पैदल वहां पहुंचे। एक गोली सिर में मारी फिर दो सीने पर मार दी गई। एक गोली गुंडे को नहीं लगी। घटना के बाद बदमाश पैदल ही गली से होते हुए भाग निकले। हत्याकांड का बदला लेने के चलते घटना की बात सामने आ रही है।
परदेशीपुरा इलाके में गली नंबर ८ के कोने पर शनिवार शाम ६.४५ बजे गोली चलने से सनसनी मच गई। यहां खड़े एक युवक पर दनादन चार फायर कर दिए गए। तीन गोली उसे लगी तो वही लडख़ड़ाकर वह एक्टिवा पर जा गिरा। जब लगा कि उसकी मौत हो गई है तो बदमाश वहां से भाग निकले। जानकारी मिलने पर डॉयल १०० गाड़ी मौके पर पहुंची। गाड़ी से ही उसे बॉम्बे अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एएसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि मृतक की पहचान विशाल गावड़े निवासी कुलकर्णी भट्टा के रूप में हुई। वह फिलहाल एरोड्रम इलाके में गायत्री विहार कॉलोनी में रह रहा था। घटना स्थल पर उसकी बाइक भी लॉक मिली। उसमें एक डंडा लगा था। जिससे पहले किसी पुलिसकर्मी को गोली मारने को लेकर विभाग में हलचल तेज हो गई। बाद में जब साफ हुआ कि मृतक पुलिस से नहीं था। जांच में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले है। इसमें गली से एक बाइक व एक्टिवा से चार लोग आते हुए नजर आए। गली से टर्न होने पर वे विशाल के पास रूके। दो लोगो ने उस पर पास से गोली चलाई जबकि दो गाड़ी स्टार्ट कर खड़े रहे। बाद में वे भागीरथपुरा तरफ भाग निकले। इस फुटेज से पुलिस ने आरोपित की तलाश शुरू की है।
हत्याकांड से जुड़ी वारदात
५ नवंबर २००५ को कल्याण मिल मेन रोड पर रूपसिंह मेरिया की हत्या कर दी गई थी। इसमें मृतक विशाल, साथी प्रहलाद, दिनेश व दो अन्य शामिल थे। रूपसिंह की सांसे चल रही है तो प्रहलाद ने वापस गाड़ी से उतर कर वार किए थे। हत्या की सूचना पर अफरातफरी मच गई। एमवाय में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया तो सर्मथको ने जमकर तोडफ़ोड़ की थी। तब संयोगितागंज पुलिस ने करीब ४० लोगो के खिलाफ केस दर्ज किया था। रूपसिंह की हत्या का बदला लेने के लिएभांजे राजू सहित १२ लोगो ने करीब दो साल बाद प्रहलाद व दिनेश की राजकुमार ब्रिज पर घेरकर हत्या कर दी थी। इस मामले में सभी आरोपित अभी जमानत पर है। रूपसिंह की हत्या के मामले में विशाल व अन्य आरोपित को आजीवन कारावास हुई थी। इस मामले में फिलहाल वह सेंट्रल जेल में बंद था। जमानत मिलने पर वह बाहर आया था। फिलहाल वह अपनी बहन व भाई के साथ रहता था। उसने शादी नहीं की थी। वर्ष २००९ में तुकोगंज इलाके में विशाल पर चाकू से हमला हुआ था जिसमें वह बच गया। एक बार जेल में भी उसे ब्लैड मारी जा चुकी है।
बुलाकर कर दी हत्या
एसपी पूर्व अवधेश गोस्वामी ने बताया कि घटनास्थल पर बाइक खड़ी कर विशाल किसी का इंतजार कर रहा था। लग रहा है कि किसी ने फोन कर उसे वहां बुलाया था। विशाल के नंबर की डिटेल पुलिस निकाल रही है। इससे भी आरोपित की पहचान में मदद मिलेगी। बतातें है कि जेल से छूटने के बाद वह कुलकर्णी भट्टे पर भी कई बार आ चुका था। उसकी हत्या को रूपसिंह हत्याकांड से जोडक़र देखा जा रहा है। पुलिस ने रूपसिंह के सर्मथको की तलाश सर्मथको की तलाश में कुलकर्णी भट्टा पर छापे मारे लेकिन उनके घर पर ताला मिला।
चार साल के बच्चें ने बताई घटना
घटना स्थल के पास मौजूद चार साल के बच्चें ने पुलिस को घटना बताई। बच्चें के अनुसार पिता के साथ वह कुछ दूरी पर खड़ा था। तब मुंह पर कपड़ा बांधे दो लोग पैदल आए। बाइक के पास खड़े युवक को गोली मारकर वे तुरंत ही पास की एक गली से होते हुए भाग निकले। गोली लगने के बाद अंकल गाड़ी पर गिर गए।