जीएसटी के अनेक प्रावधानों का लाभ सीधे उपभोक्ता भी ले सकता है।
इंदौर. जीएसटी के अनेक प्रावधानों का लाभ सीधे उपभोक्ता भी ले सकता है। किसी उपभोक्ता को लग रहा है कि दुकानदार द्वारा लिया जा रहा जीएसटी निर्धारित दर से अधिक है तो वह सीधे विभाग को आवेदन कर जीएसटी रिफंड ले सकता है। इसके लिए आवेदन के साथ बिल की प्रति देना होगी।
यह बात सीए एसो. इंदौर ब्रांच द्वारा आयोजित कार्यशाला में सीए सुनील पी. जैन ने कही। कार्यशाला में जीएसटी कानूनों में बदलावों पर देशभर से आए 800 से अधिक सीए चर्चा कर रहे हैं। सीए जैन ने बताया, जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया बहुत आसान है। आम आदमी भी आवेदन कर रिफंड ले सकता है, बशर्ते माल जीएसटी रजिस्टर्ड व्यापारी से खरीदा गया हो, प्राप्त बिल में कारोबारी ने उल्लेख किया हो। नियमानुसार विभाग एेसे आवेदनों की जांच करवाएगा। सही होने पर सीधे आम आदमी को रिफंड कर देगा। सीए ब्रांच के चेयरमैन अभय शर्मा ने बताया, पहली बार क्लास रूम की तरह कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
कम दर देने वाला भी रिफंड ले सकेगा
जीएसटी का रिफंड सामान्यत: एक्सपोर्ट यूनिट या एसइजेड यूनिट को ही मिलता है। ऐसी यूनिट एक्सेस पेड का रिफंड ले सकती है, लेकिन हायर रेट से टैक्स चुकाकर माल खरीदने तथा लोअर रेट पर बेचने वाला व्यापारी भी रिफंड ले सकता है। सीए कीर्ति जोशी ने बताया, इनपुट टैक्स क्रेडिट सिर्फ टैक्स चुकाकर बेचे गए गुड्स पर मिलेगी। जो माल जीएसटी चुकाकर खरीदा गया, उसे छूट की श्रेणी में बेचा जा रहा है तो उस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलेगी।
अभियोजन की कार्रवाई भी संभव
सीए जैन ने बताया, 2 करोड़ रुपए या अधिक वार्षिक टर्नओवर वाले कारोबारी अपने अकाउंट का ऑडिट, जीएसटी रिकॉन्सिलिएशन कराकर 31 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से जमा कर दें। इसके बाद पेनल्टी आरोपित की जा सकती है। यदि विभाग ने एेसी चोरी पकड़ ली तो करदाता को 24 प्रतिशत तक ब्याज और 100 प्रतिशत पेनल्टी लगेगी। बड़ी कर चोरी पर अभियोजन की कार्रवाई भी की जा सकेगी।