इंदौर में संक्रमण जिस तेजी से पैर पसारे, उस तेजी से कम भी होने लगे। तीसरी लहर अब विदा होती दिख रही है। यह सब कुछ प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कुशल रणनीति का ही परीणाम है। कहां तीसरी लहर में हर दिन 5 से 10 हजार मरीजों की आने की अशांका जताई जा रही थी, वहीं अब नए मरीजों के आने की संख्या दाही अंक तक गिर गई।
इंदौर।
कोरोना संक्रमण के नए मरीज बहुत कम संख्या में आ रहे हैं। तीसरी लहर लगभग समाप्ति की ओर है। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की संख्या घटने के साथ ही में हो रही कमी के चलते पहले ही कोविड केयर सेंटर बंद कर दिए थे। अब टेस्टिंग संख्या कम कर दी है। अब जिले में 6 से 7 हजार ही टेस्टिग हो रही है, जबकि पहले दस हजार से अधिक परीक्षण हर दिन कर रहे थे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुक्रवार रात को जारी किए गए हेल्थ बुलेटिन के अनुसार 27 नए संक्रमित मरीज सामने आए और जिले में 401 एक्टिव मरीज हैं, जिनमें 18 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं और केवल दो मरीज आईसीयू में हैं। शेष मरीज होम आइसोलेशन में हैं।
दरअसल, कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले भर में कोरोना मरीजों की जांच के लिए 30 से अधिक टीमें तैनात की थी। ये टीम शुरुआत में संक्रमित मरीजों की कांटेक्ट हिस्ट्री के मुताबिक और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी सेंपलिंग कर रही थी। हर दिन विभाग 10 हजार के आसपास सेंपलिंग होती रही, लेकिन हाल ही में संक्रमण की दर में लगातार गिरावट आने लगी तो विभाग ने भी सेंपलिंग की संख्या में भी कमी कर दी। हर दिन छह से सात हजार के बीच ही सेंपलिंग हो रही है। मरीज घटे, 383 होम आइसोलेशन में दूसरी ओर पिछले एक सप्ताह से संक्रमित मरीजों की संख्या कम होने लगी है। 17 फरवरी को जहां 100 मरीज सामने आए थे। इसके बाद से 100 से नीचे आने लगे है । 18 फरवरी को ७४ मरीज सामने आए और फिर 21 फरवरी को 50 से कम होकर 47 ही मरीज सामने आए थे। हालांकि 22 को फिर मरीज की संख्या में बढ़ गई और 74 नए मरीज आए थे। इसके बाद 23 को 50 तो 24 को 36 नए संक्रमित मरीज सामने आए थे। सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या ने बताया कि जिले में मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। टेस्टिंग टीमें भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार सेंपलिंग कर रही है। 18 मरीज अस्पतालों में उपचारत है और दो मरीज आईसीयू में हैं। 383 मरीजों होम आईसोलेशन में हैं।
कोई छात्र नहीं निकला संक्रमित
अतिरिक्त जिला परियोजना अधिकारी नरेंद्र जैन ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल के निर्देश पर दसवीं की परीक्षा दे रहे दृष्टिहीन और मूक-बधिर (दिव्यांग) छात्रों को राइटर सहित अन्य सुविधाएं उपल?ध कराई जा रही हैं। जिले में 65 छात्र परीक्षाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर हर केंद्र पर एक आइसोलेशन रूम भी बनाया गया है, अभी तक एक भी छात्र कोरोना संक्रमित सामने नहीं आया है।