शहर में जलावर्धन व सीवरेज का काम सुविधा वाला, सड़कों की अनदेखी बढ़ा रही परेशानियां
खरगोन. धुलमुक्त शहर। चकाचक सड़कें और सुगत यातायात। इन मापदंडों के आधार पर शहर को स्वच्छता में नंबर-1 का तमगा मिला। लेकिन नंबर-1 शहर की हालत इन दिनों दयनीय है। जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सड़कें, उड़ती धूल और जुझते रहवासी यह खरगोन की पहचान बनती जा रही है। समस्याओं पर अफसरों का कहना है सीवरेज, जलावर्धन का काम चल रहा है। शहरहित में परेशानियां उठानी होगी, लेकिन इन परेशानियों का अंत कब होगा इसका जवाब किसी के पास नहीं। आलम यह है कि सड़कें खोखली हो गई हैं। गड्ढे वाहनों का मेंटनेंस बिगाड़ रहे हैं। धूल की भरमार अस्थमा के मरीज बढ़ा रही है।
प्रशासन ने फिलहाल सड़कों के पुननिर्माण का खांका तैयार किया है। इसमें करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च होंगे। शुरुआत में शहर की प्रमुख नौ सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा, लेकिन अभी इस काम को भी अमलीजामा पहनाने में देरी हो रही है। हालांकि चार दिन पूर्व सड़कों के पुननिर्माण के भूमिपूजन का शेड्यूल प्रशासन ने जारी भी किया, लेकिन हाथों हाथ इसे निरस्त भी कर दिया। अब नए सिरे से इस काम का श्रीगणेश कब होगा अभी यह तय नहीं हुआ है।
नगरपालिका के उपयंत्री रघुराम वर्मा ने बताया सड़कों के पुननिर्माण का काम होना है। स्वीकृति मिल चुकी है। चार दिन पूर्व भूमिपूजन का कार्यक्रम जारी हुआ, लेकिन किसी कारण के चलते स्थगित हो गया है। जिन मांर्गों का पुननिर्माण होना है उनमें खंडवा रोड, ब्रज विहार, जवाहर मार्ग, मांगरूल रोड, तिलक पथ, बिरला मार्ग आदि क्षेत्र है।
इन सड़कों का हुआ पुननिर्माण:
तालाब चौक से उमरखली रोड, तालाब चौक से मौतीपुरा चार रास्ता तक, भगतसिंह चौराहा से सुंदर होटल तक, डायवर्शन रोड से जवाहर मार्ग मार्केट तक, नवग्रह मंदिर तिराहा से रहीमपुरा तक, तलाई मार्ग, किला गेट से मटन मार्केट, श्रीनाथ कॉलोनी मार्ग, वंृदावन कॉलोनी से खंडवा रोडतक।
कोरोना का डर कम धूल का ज्यादा
पटेल नगर निवासी जगदीश योगी, मनीष वर्मा, मांगरूल रोड निवासी राजेंद्र यादव ने बताया मॉस्क की शुरुआत कोरोना से बचाव के लिए की थी, इसका उपयोग अब धूल से बचने ज्यादा हो रहा है। एक पंथ दो गाज वाली भूमिका मास्क निभा रहा है। शहर में अस्थमा के मरीज ज्यादा बढ़े हैं।
शहर की इन सड़कों पर चलना ज्यादा मुश्किल
इंदौर रोड : इस मार्ग पर बावड़ी बस स्टैंड से नवग्रह मंदिर तिराहे तक स्थिति बेहद खराब है। पुराना पूल पुरी तरह जर्जर हो चुका है। हालांकि प्रशासन इसे सुधारने की कवायद इसलिए भी नहीं कर रहा क्योंकि जल्दी ही नया पुल शुरू होने वाला है।
जुलवानिया रोड : नवग्रह मंदिर तिरासे से औरंगपुरा क्षेत्र तक सड़क की हालत दयनीय है। गड्ढों की भरमार है। वाहन चलाते समय यात्रियों को हिचकोले खाना पड़ रहे हैं।
मांगरूल रोड : बावड़ी बस स्टैंड से निकले मांगरूल रोड की हालत भी खराब है। इस मार्ग पर शैक्षणिक संस्थान व कॉलोनियां है। ग्रामीण क्षेत्र भी जुड़े है। बावजूद यहां की सड़क भी उखड़ी पड़ी है।
सनावद रोड, बिस्टान रोड : इस मार्गों पर गड्ढों के साथ धूल के गुबार भयावह हालात बना रहे हैं। आलम यह होता है कि गुबार के बीच वाहन तक नजर नहीं आते। नगरपालिका लीपोपाती के लिए इन मार्गों पर गाहे-बगाहे पानी का छिड़काव जरूर कराती है।
मिल चुकी है स्वीकृति
&सड़कों के पुननिर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। जल्दी ही इनका कायाकल्प होगा। खराब सड़कों को जल्दी सुधारेंगे।
-अनुग्रहा पी. कलेक्टर खरगोन