
Indore news: विपक्ष में जितनी मेहनत की थी, कार्यकर्ताओं को सत्ता में भी उतनी ही मेहनत करना होगा। संघ और भाजपा के अलावा देश को बचाने की चिंता कौन कर रहा है। कुछ विदेशी ताकतें हैं जो भारत को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहती, इसलिए इसलिए देश में अस्थिरता का माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कोई भी दल देश की नहीं सोच रहा, कांग्रेस और अन्य दल देश को खोखला करने का काम कर रहे हैं। यह बात विट्टल रुक्मिणी गार्डन में प्रदेश के काबीना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कही। लोकतंत्र बचाओ-भीड़तंत्र हटाओ अभियान को लेकर बैठक में बोले कि हमारी लड़ाई सीजेपी से नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है, हमारा देश विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बना है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय ताकतें भारत के बढ़ते हुए कदमों को रोकना चाहती है। श्रीलंका, फ्रांस, बांग्लादेश, नेपाल जैसे देशों में अशांति का माहौल है, कुछ विदेशी ताकतें हैं जो भारत को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहती, इसलिए इसलिए देश में अस्थिरता का माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इंदौर में एक नवंबर को निकलने वाली पैदल यात्रा को लेकर कैलाश का कहना था कि कार्यकर्ताओं को डबल मेहनत करना होगी। उन्होंने सभी विधायकों को लक्ष्य दिए।
तंज कसते हुए विधायक रमेश मेंदोला को कहा कि आप तो मध्य प्रदेश ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष हैं तो एक हजार खिलाड़ी ट्रैक सूट में आ जाएंगे। गोलू शुक्ला से बोले कि आप सनातनी विधायक हैं भगवा कपड़े पहने बड़ी संख्या में लोग ला सकते है। मधु वर्मा से बोले कि आपकी सिख समाज में अच्छी पेठ है तो आप वहां से संख्या लाएं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव वकीलों को ला सकते हैं। उन्होंने टीनू जैन और अक्षय कांति बम को जैन समाज व युवाओं को लाने का बोला। उनका कहना था कि विपक्ष भ्रम फैला रहा है जिसे खत्म करने के लिए हमें कड़ी मेहनत करना होगी।
बैठक का समय 5.30 बजे का दिया था, लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय 8 बजे पहुंचे। इस पर उनका कहना था कि दशहरा मिलने वालों की भीड़ थी इस लिए लेट हो गया हूं। उनके आने से पहले ही विधायक मालिनी गौड़ रवाना हो गईं। इधर, कार्यकर्ता भी लंबा इंतजार करने की वजह से नाराज थे।
कैलाश ने विपक्ष से ज्यादा सत्ता में मेहनत करने की बात के कार्यकर्ता कई मायने निकाल रहे थे। वर्तमान में उनकी पटरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से नहीं बैठ रही है जिसके चलते वे कैबिनेट की बैठक में भी नहीं जा रहे हैं। इंदौर में मुख्यमंत्री के आगमन से पहले वे मौके से चले जाते हैं। कार्यकर्ता इन सभी बातों को जोड़कर बयान को देख रहे थे।
बैठक में नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने चर्चा के दौरान कार्यकर्ताओं से पूछा कि 2003 से पहले किस-किस ने आंदोलन-प्रदर्शन में पुलिस के डंडे खाए। इस पर 90 फीसदी लोगों ने हाथ खड़े किए। मिश्रा बोले कांग्रेस की सरकार में जमकर मार पड़ती थी। इस पर मंत्री तुलसीराम सिलावट को बोले कि भैया का भला हो कि वे 2020 में आ गए नहीं तो फिर वही हाल होते। इस पर जमकर ठहाके लगे तो सिलावट ने सबके हाथ जोड़ लिए।