महाराष्ट्र एटीएस के एक निलंबित अफसर ने मालेगांव ब्लास्ट के आरोपित रामजी कलसांगरा और संदीप डांगे के बारे में नया खुलासा कर हड़कंप मचा दिया है। इस अफसर के मुताबिक, एटीएस ने ब्लास्ट में वांटेड रामजी और संदीप को एटीएस ने 26 दिसंबर 2008 को ही एनकाउंटर में मार गिराया था।
एक न्यूज चैनल से बातचीत में निलंबित इंस्पेक्टर मेहबूूब मुजावर ने बताया कि रामजी उर्फ रामचंद्र और संदीप को एटीएस अभी भी वांटेड बता रही है, लेकिन वे बीते 19 अगस्त को सोलापुर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में इस बात के प्रमाण दे चुके हैं कि ये दोनों एटीएस द्वारा मारे जा चुके हैं। मेहबूूब के इस खुलासे से सनसनी फैल गई है।
गौरतलब है कि इस ब्लास्ट में आरोपित रहा रामजी इंदौर के बंगाली चौराहे के पास, जबकि संदीप लोकमान्यनगर में रहता था। रामजी मूलत: शाजापुर जिले का रहने वाला है और उसके परिवार के सदस्यों की वहीं होने की जानकारी है। बंगाली चौराहे के पास वाला मकान वे लोग बेचकर जा चुके हैं। संदीप के परिवार के सदस्य अब भी लोकमान्यनगर में ही रहते हैं।
साध्वी प्रज्ञा भी थी आरोपित
29 सितंबर 2008 को एक मोटर साइकिल में बम लगाकर मालेगांव में ब्लास्ट किया गया था। इस हादसे में छह लोगों की जान चली गई थी, जबकि 100 से ज्यादा जख्मी हुए थे। मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस को सौंपी गई तो उसने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित सहित 14 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इन 14 लोगों में रामजी और संदीप भी शामिल थे।