इंदौर

इंदौर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क बेनकाब, कारोबारियों की रेकी करने वाला गिरफ्तार

Lawrence Bishnoi gang Indore: क्राइम ब्रांच की एसआइटी टीम ने आरोपी सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा (26) निवासी महीदपुर, जिला उज्जैन को गिरफ्तार किया है।
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May 09, 2026
Lawrence Bishnoi gang Indore
लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इंदौर में भी बना लिया नेटवर्क, रेकी करने वाला आरोपी गिरफ्तार। (फोटो पत्रिका)

Lawrence Bishnoi gang Indore: इंदौर शहर में बिल्डरों और कारोबारियों को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देने के मामले में क्राइम ब्रांच ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी गैंग के लिए रेकी कर कारोबारियों की गतिविधियों और लोकेशन की जानकारी भेजता था। पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई होने से शहर में बड़ी वारदात टल गई।

क्राइम ब्रांच की एसआइटी टीम ने आरोपी सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा (26) निवासी महीदपुर, जिला उज्जैन को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम पहले गिरफ्तार किए गए राजपाल चंद्रावत की निशानदेही पर सामने आया था। पुलिस ने साइबर तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से उसे ट्रेस किया।

बताया जा रहा है कि यह आरोपी गैंग से जुड़े संदग्ध लोगों के संपर्क में था और मोबाइल में कई नंबरों को कोडवर्ड में सेव कर रखे थे। क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी सामने आया है कि सचिन केवल राजपाल ही नहीं, बल्कि कसरावद जेल में बंद कुलदीप नामक आरोपी के भी संपर्क में था।

लोकेशन ट्रेस करता था

डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने राजपाल चंद्रावत और कुलदीप चौहान के साथ मिलकर बिल्डर विवेक दम्मानी, चेतन सिंह पवार और कुंवर सिंह भूरिया के घर, ऑफिस और आने-जाने की गतिविधियों की रेकी की थी। यह जानकारी सिग्नल एप के जरिए गैंग से जुड़े हैरी बॉक्सर तक पहुंचाई जाती थी।

डिजिटल साक्ष्य मिले

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से गैंग के संपर्क में थे और इंदौर में अपना नेटवर्क तैयार कर रहे थे। इंस्टाग्राम पर 007 नाम से कोड वर्ड और धमकी देने में इस्तेमाल मोबाइल नंबर भी पुलिस के हाथ लगे हैं। अब इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

‘राहुल बाबा’ की तलाश जारी

डीसीपी त्रिपाठी ने बताया कि मामले में फरार राहुल बाबा निवासी देवास पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एलओसी जारी कर दी गई है। एसटीएफ भोपाल भी उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ अपराध शाखा थाने में एक्सटॉर्शन और धमकाने के तहत केस दर्ज किया गया है। पूछताछ में देवास और इंदौर के कुछ अन्य बदमाशों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गैंग किन लोगों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा था।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

प्रकरण में पुलिस पहले ही राजपाल चंद्रावत निवासी नागदा और सोनू उर्फ रितेश खंगार निवासी इंदौर को गिरफ्तार कर चुकी है। अब कुलदीप चौहान को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है।

Published on:
09 May 2026 07:51 pm