
Indore Dangerous Picnic Spots in Monsoon इंदौर के पिकनिक स्पॉट या कब्रिस्तान (सोर्स: AI Grok)
Dangerous Picnic Spots in Monsoon: प्री मानसून की बरसात शुरू होने के साथ ही जहां इंदौर शहर के आसपास स्थित पिकनिक स्पॉट सैलानियों को आकर्षित करने लगे हैं, वहीं पहाड़ी और जंगल क्षेत्र के इन पिकनिक स्पॉट पर लोगों की लापरवाही, शराबखोरी और सेल्फी के चलते गंभीर हादसे हो जाते हैं। इसी माह गहरे कुंड में डूबने से एक युवक और बालक की जान जा चुकी है जबकि पुलिस के आंकड़ों बताते हैं कि बीते करीब 6 सालों में करीब 60 सैलानी अपनी जान गंवा चुके हैं। सर्वाधिक हादसे बारिश के मौसम में हुए। समीक्षा के बाद 'डेजर जोन' वाले हॉट स्पॉट भी चिह्नित किए गए हैं और सतर्कता के निर्देश जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि बारिश के आते ही इंदौर के ग्रामीण इलाकों में पिकनिक स्पॉट को लेकर पुलिस और प्रशासन हर साल चेतावनी बोर्ड, गार्ड और बैरिकेडिंग के दावे करता है। मगर इसके बाद भी लोग प्रतिबंधित जगहों पर जाकर जान गंवा देते हैं। हाल ही तिंछा फॉल में एक फायरकर्मी के 16 साल के एक बालक की पानी में डूबने से मौत गई, जो घर से क्रिकेट खेलने का कहकर दोस्तों के साथ वहां चला गया था। जबकि इससे पहले एक कुंड में एक युवक की डूबने से मौत हो गई।
इधर, जाम गेट पर पिकनिक मना कर कार में लौट रहे तीन युवकों की सड़क हादसे में मौत हो भी हो गई। ये पर्यटन और पिकनिक स्पॉट सैर सपाटे के लिए पहुंचने वाले सैलानियों के लिए मौत का स्पॉट बनते जा रहे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 2020 से लेकर अब तक करीब 60 लोगों की जानें चा चुकी हैं।
सबसे ज्यादा हादसे मानसून के दौरान जून से अगस्त के बीच दर्ज हुए हैं। समीक्षा में पाया गया कि खुड़ैल और सिमरोल थाना क्षेत्र सबसे खतरनाक है,जहां सबसे ज्यादा हादसे हुए। चोरल, तिंछा फॉल, पातालपानी, कजलीगढ़, सीतलामाता फॉल, मेहंदी कुंड जैसे स्पॉट पर कई डेंजर जोन हैं। पुलिस का मानना है कि मानसून में वाटरफॉल में पहाड़ी इलाका होने से अचानक पानी बढऩे और खाई के आसपास सेल्फी के चक्कर में युवा जोखिम उठाते हैं और जान गंवा देते हैं। लापरवाही, शराबखोरी और सेल्फी के चलते अधिकांश हादसे हुए हैं।
डीएसपी ( हेड क्वार्टर) उमांकात चौधरी का कहना है कि सभी खतरनाक स्पॉट पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। ग्राम रक्षा समिति और स्थानीय गोताखोरों के साथ पिकनिक स्थलों पर संबंधित थानों द्वारा सतर्कता बरती जाती है, लेकिन जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में हर जगह पुलिस की तैनाती संभव नहीं है। इसलिए लोगों को जागरूक होना भी जरूरी है। पुलिस की अपील है कि सेल्फी के लिए जान जोखिम में न डालें। पिछले साल तो भारी बारीश के दौरान प्रशासन की ओर से पिकनिक स्पॉट पर जाने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने के साथ ऐसे लोगों पर केस दर्ज किए थे, जिन्होंने रैङ्क्षलग फांदकर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया था।
पुलिस के अनुसार हादसों को लेकर खुड़ैल और सिमरोल क्षेत्र सबसे ज्यादा खतरनाक है। खुड़ैल की मोहाड़ी फॉल पर 5 साल में एक दर्जन लोगों की मौत हुई जबकि बडग़ोंदा के बामनिया कुंड, पातालपानी, मेहंदी कुंड, चोरल डैम में भी डेढ़ दर्जन मौतें हो चुकी हैं। सिमरोल और आसपास के पिकनिक स्पॉट कजलीगढ़, ङ्क्षतछा फॉल, चोरल, भेरूगढ़ खाई में भी एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
पिछले वर्ष सिमरोल थाना क्षेत्र में स्थित पिकनिक स्पॉट तिंछा फाल(Tincha Falls) में बड़ा हादसा हुआ था। यहां दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गए इंदौर से गए दो युवकों सुमित परमार निवासी राजीव आवास विहार और अशोक निवासी रलायता थाना गौतमपुरा की शराब पार्टी के दौरान गहरी खाई में फिसल जाने से मौत हो गई थी। वे तड़के तीन से चार बजे के बीच खाई के किनारे बैठकर शराब पी रहे थे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से क्रेन के सहारे रस्सी डालकर दोनों को खोजा व शवों को बाहर निकाला था।
पहाड़ी और जंगल वाले इलाके में पिकनिक स्पॉट पर सेल्फी, रील बनाने व स्टंट के चक्कर में कई बार युवक हादसे का शिकार या उलझन में पड़ जाते हैं। पिछले दिनों तीन दोस्त सेल्फी के लिए मोहाड़ी फॉल की 300 फीट गहरी खाई में उतर गए थे, लेकिन वे रास्ता भटक गए। मोबाइल फोन का नेटवर्क नहीं मिलने से वे किसी से सहायता भी नहीं मांग पा रहे थे। देर रात 12 बजे के करीब परिजन व पुलिस उन्हें ढूंढते हुए वहां पहुंचे और उन्हें बचाया था।
Updated on:
24 Jun 2026 04:19 pm
Published on:
24 Jun 2026 04:14 pm
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