
online fraud: आस्ट्रेलिया में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी (Photo Source - Patrika)
Indore news:ऑस्ट्रेलिया में नौकरी और वर्क वीजा दिलाने के नाम पर एमपी के इंदौर शहर के इंजीनियर से लाखों रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी हो गई। एक साल पहले हुई इस ठगी में साइबर क्रिमिनल ने इंजीनियर को फंसाने के लिए साफ्टवेयर कंपनी का मैनेजर और डायरेक्टर बताकर संपर्क किया था। नौकरी दिलाने के लिए विभिन्न तरह के इंश्योरेंस और वीजा शुल्क को ऑनलाइन प्राप्त कर लिया, लेकिन इसके बाद भी जॉब नहीं मिली। संदेह होने पर इंजीनियर ने ऑस्ट्रेलिया के गृह विभाग (डीएचए) से संपर्क किया तो पता चला कि उनके नाम से वीजा के लिए कोई आवेदन नहीं आया है। इसके बाद उन्होंने शिकायत कर क्राइम ब्रांच में केस दर्ज कराया है।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया, फरियादी साफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया, उनसे ठगों ने इंच टेक्नोलॉजिस कंपनी मैनेजर सुमित, डायरेक्टर माइकल बनकर संपर्क किया था। दोनों ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने का प्रस्ताव दिया। झांसे में लेने के लिए उन्हें गूगल मीट पर जोड़कर फर्जी ऑनलाइन कॉन्ट्रेक्ट किया। इस दौरान हेल्थ इश्योरेंस, अतिरिक्त इश्योरेंस, वीजा शुल्क के नाम पर विभिन्न किश्त में रुपए जमा करवाए। परेशान होकर पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई। अधिकारियों ने क्राइम ब्रांच में केस दर्ज कर जांच के निर्देश दिए हैं।
आरोपियों ने नौकरी और वीजा दिलाने की प्रक्रिया के लिए उन्हें रोजरपे पेमेंट लिंक भेजी। इससे इंजीनियर ने 5 दिसंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 के बीच 7.21 लाख राशि ट्रांसफर की। ठगी की संपूर्ण राशि आरोपियों ने रोजरपे के एक मर्चेंट खाते में जमा कराई है। यहां से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते में ट्रांसफर हुई। उक्त बैंक खाता ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गौतम बुद्ध नगर उप्र की बैंक का है। जब जॉब और वीजा नहीं मिला तो फरियादी ने ऑस्ट्रेलियाई गृह विभाग से संपर्क किया, जहां से पता चला कि उन्हें वीजा आवेदन प्राप्त नहीं हुआ।
वहीं बीते दिन ब्यावरा के एक पेट्रोल पंप संचालक को 10 करोड़ रुपए का लोन दिलाने का झांसा देकर इंदौर के दो लोगों ने करीब 65 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को बड़े वित्तीय संस्थानों से जुड़ा बताते हुए कम समय में लोन स्वीकृत कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद करीब दो सालों तक प्रोसेसिंग फीस, दस्तावेजों की जांच और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग किस्तों में लाखों रुपए वसूलते रहे। जब लंबे समय तक लोन स्वीकृत नहीं हुआ और आरोपी रकम लौटाने से भी बचने लगे तब पाड़ित को धोखाधड़ी का अहसास हुआ। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Updated on:
09 Aug 2026 03:53 pm
Published on:
09 Aug 2026 03:52 pm
