इंदौर

घी में ये 5 चीजें मिलाने से इन बीमारियों से मिल जाएगा छुटकारा

देशी घी को इस तरह बना सकते हैं सौ गुना पौष्‍टिक, सिर्फ पांच चीजें घी में मिलाने पर हो जाएगी कई बीमारी दूर

3 min read
Sep 24, 2021

इंदौर. भारत में घी भोजन का अभिन्न अंग है खाने में घी सभी को पसंद होता। आप घी के साथ दाल, बाटी, बाफले, सब्जी बनाते हैं। यहां तक की गर्म रोटी पर घी लगाने के बाद इसे लगाने के बाद स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। घी से केवल भोजन का स्वाद ही नहीं बढ़ता, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी यह बहुत फायदेमंद है।

अभी तक आपने केवल एक ही तरह का घी खाया होगा, जिसे शुद्ध देशी घी कहा जाता है लेकिन अगर इसमें कुछ खास चीजें मिला दी जाएं तो घी के फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं। घी में अगर इन पांच चीजों को मिला दिया जाए, तो पांच अलग-अलग फ्लेवर्स का घी बन जाएगा।इसी को फ्लेवर्ड घी कहा जाता है।

आप अब आपको बताते हैं कि कौन सी पांच चीजें घी में मिलाने पर उसका स्वाद भी बढ़ जाएगा और घी स्वास्थ्य वर्धक भी हो जाएगा।

तुलसीः तुलसी के फ्लेवर का गी बनाने के लिए तुलसी के पत्ते मक्खन से घी बनाते समय डालें और इससे दो फायदे होंगे पहला पायदा गी बनाते समय मख्खन की तेज गंध नहीं आएगी जो अक्सर लोगों को अच्छी नहीं लगती दूसरा फायदा तुलसी के पत्तों को उबलने से घी से अच्छी खुशबू आने लगती है और घी का स्वाद भी बढ़ जाता है।

दालचीनीः दालचीन के बारे सबसे ज्यादा लोग कोरोना के समय जागरुक हुए है इससे पहले दालचीन को केवल मसाले के रूप में स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता था। अब आपको बताते है कि घी में दालचीनी मिलाने से स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के लिए बहुत फायदेमंद हो जाएगा। दालचीनी की महक और रंग से घी का अनौखा स्वरूप और स्वाद आपको बहुत पसंद आएगा। दालचीनी एंटीवायरल और एंटी बैक्टीरियल होने से घी के गुण भी बढ़ जाएंगे। दालचीनी का घी बनाने के लिए घी में दो तीन टुकड़े दालचीनी डालें और धीमी आंच पर केवल पांच मिनट तक गर्म करें। फिर ठंडा करने के बाद रख दें। इस गी को खाने के बाद आपको एसा फ्लेवर मिलेगा जिसे आप भूल नहीं पाएंगे।

लहसुनः अगर आप काने में लहसुन का प्रयोग करते है और आपको लहसुन की गंध पसंद है तो आप लहसुन का घी भी ट्राई कर सकते हैं। लहसुन को एक पॉवरफुल एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है, जो आपके शरीर में रोग प्रतिरोधन श्रमता को बढ़ाता है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे लोगो के लिए लहसुन रामबाण औषधि है। लहसुन के फ्लावर का घी बनाने के लिए कड़ाही में लहसुन काट कर डालें और दो लौंग भी घी में डाल कर धीमी आंच पर पांच मिनट तक उबालें। उसके बाद घी को ठंडा होने दें बाद में घी को छानकर रख लें।

कपूरः आयुर्वेद के अनुसार शरीर के तीनों दोषों में कपूर फायदेमंद साबित होता है। यह शरीर में वात, पित्त और कफ को संतुलित करता है। पाचन की समस्या से पीढ़ित लोगों के लिए के लिए रामबाण है अगर घी में कपूर मिला दिया जाए तो घी कई गुना फायदेमंद हो जाता है। कपूर वाला घी बनाने के लिए घी में दो टुकड़े खाने वाले कपूर डालें और पांच मिनट तक गर्म करें उसके बाद घी को ठंडा करके छानकर एयरटाइट जार में भर दें।

हल्दीः माना जाता है कि घी और हल्दी को मिलाकर काने से नई ब्लड वेसेल्स के निर्माण तेजी से होता है, हृदय और किडनी के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। घी और हल्दी का मिश्रण प्राकृतिक रूप से दर्द निवारक का काम करता है। हल्दी वाला घी बनाने के लिए एक जार में एक कप घी में 1 छोटी चम्मच हल्दी और आधा छोटी चम्मच कालीमिर्च पाउडर मिलाएं। अच्छी तरह से मिलाने बाद एयर टाइट जार में भरकर रखें और जब खाने का मन हो तब स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक घी का उपयोग करें।

Published on:
24 Sept 2021 02:50 pm
Also Read
View All