इंदौर

MP High Court का बड़ा फैसला, 130 नर्सिंग स्टाफ की नहीं जाएगी नौकरी

MP High Court: 130 नर्सिंग स्टाफ को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, कोर्ट ने अपना ही फैसला बदला, पुराना फैसला रद्द किया, अब दोबारा शुरू होगी सुनवाई
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May 02, 2026
MP high court
MP high court(photo X)

MP High Court: शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की भर्ती मामले में हाई कोर्ट ने अपना पूर्व में जारी आदेश वापस ले लिया है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की एकलपीठ ने 11 फरवरी 2025 को दिए गए उस फैसले को रिकॉल कर दिया, जिसमें 130 से अधिक नर्सिंग स्टाफ की नियुक्तियों को अवैध ठहराया गया था। इस मामले में हाईकोर्ट दोबारा सुनवाई करेगा।

यह था मामला

महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज द्वारा संचालित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में नर्सिंग सिस्टर और स्टाफ नर्स के 300 से ज्यादा पदों पर केवल महिला उम्मीदवारों की भर्ती निकाले जाने को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। इस पर लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने बीते साल पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया था। कोर्ट ने यह फैसला हाई कोर्ट के ही पूर्व में जारी एक निर्णय के आधार पर सुनाया था। इसमें महिलाओं को 100 फीसदी आरक्षण के प्रावधान को अवैध माना गया था।

अब हाई कोर्ट ने क्यों बदला अपना फैसला

सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में कार्यरत स्टाफ ने रिव्यू पिटीशन दाखिल कर दलील दी थी कि जिस पुराने फैसले के आधार पर भर्ती रद्द की गई, वह 1989 के नियमों पर आधारित था, जबकि वर्तमान भर्ती 27 जून 2017 के संशोधित नियमों के तहत की गई थी, जिन्हें सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया। कोर्ट ने माना कि पूर्व आदेश मामले के गुण-दोष पर विचार किए बिना पारित हुआ था। इसी आधार पर 11 फरवरी 2025 का आदेश निरस्त (रिकॉल) कर दिया गया। साथ ही यह छूट भी दी गई कि रिव्यू याचिकाकर्ता आवश्यक होने पर मूल याचिकाओं में पक्षकार बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

कर्मचारियों में खुशी की लहर

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद वर्तमान नर्सिंग स्टाफ में खुशी की लहर व्याप्त है। कोर्ट के इस फैसले के बाद नौकरी जाने का डर झेल रहे इन कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। मामले में कई नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि वे लंबे समय से इन नियुक्तियों को वैध मान रहे थे, क्योंकि उनकी नियुक्ति में पूरी पारदर्शिता बरती गई थी। अब जब कोर्ट ने अपने ही फैसले को रद्द कर दोबारा सुनवाई का निर्णय लिया है, तो उन्हें उम्मीद है कि कोर्ट इस मामले पर न्याय करते हुए उनकी नौकरी कौ बरकरार रखेगा।

अगर जाती 130 नर्सिंग स्टाफ की नौकरी, झेलना पड़ता स्वास्थ्य सेवा संकट

अगर हाई कोर्ट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 130 नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति रद्द करता तो अस्पताल को स्वास्थ्य सेवाओं के संकट का सामना करना पड़ता। खासतौर पर मरीजों की देखभाल से लेकर ऑपरेशन थियेटर तक पर इसका प्रतिकूल असर नजर आता। क्रिटिकल केसेस में यह मरीजों की जान पर जोखिम बढ़ सकता था।

Published on:
02 May 2026 09:34 am