MP News: मध्यप्रदेश के इंदौर में जल्द ही जमीनों के रेट बढ़ाए जा सकते हैं। साथ ही जमीनों की कीमत तय करने में एआई की मदद ली जाएगी।
MP News: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। कलेक्टर के द्वारा गाइडलाइन को रिवाइज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें खास बात ये है कि गाइडलाइन तय करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) की मदद ली जा रही है। जिले की 3 हजार से ज्यादा लोकेशन पर हुई प्रॉपर्टी रजिस्ट्रियों का बारीकी से एनालिसिस किया गया है। शुरुआती रिपोर्ट में कई इलाकों में 75 प्रतिशत तक की ग्रोथ सामने आई है।
इसी आधार पर इस बार कलेक्टर गाइडलाइन में 20 से 70 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। पंजीयन विभाग के अधिकारियों के अनुसार एआइ आधारित रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि जिले में किन इलाकों में कलेक्टर गाइडलाइन से ज्यादा कीमत पर रजिस्ट्रियां हो रही हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि किस लोकेशन पर कितनी रजिस्ट्रियां हुईं, उनमें से कितनी फीसदी रजिस्ट्री गाइडलाइन से ऊपर हुई और इसके पीछे क्या कारण रहे।
एआई रिपोर्ट में करीब 3200 लोकेशन पर गाइडलाइन से ज्यादा कीमत पर रजिस्ट्री होने की जानकारी मिली थी, लेकिन जब इन आंकड़ों की गहनता से जांच की गई तो कुछ जगहों पर रिपीटेशन और कहीं ग्रोथ कम पाई गई। ऐसे लोकेशन को हटाने के बाद अब करीब 2600 लोकेशन पर मंथन चल रहा है।
कलेक्टर गाइडलाइन बढ़ाने के लिए हाल के दिनों में हुए डायवर्सन भी बड़ा आधार बनेंगे। जिन कृषि भूमियों का आवासीय या व्यावसायिक उपयोग में डायवर्सन हुआ है, उन इलाकों पर पंजीयन विभाग खास नजर रखेगा। इसके अलावा जहां नए प्रोजेक्ट्स आ रहे हैं, उनके आसपास के क्षेत्रों में भी गाइडलाइन बढ़ाई जा सकती है। वहीं सरकार द्वारा किए गए भूमि अधिग्रहण के आसपास की जमीनों की कीमतों को भी गाइडलाइन तय करते समय ध्यान में रखा जाएगा।
इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में भी गाइडलाइन बढ़ने की पूरी संभावना है। पिछली बार कुछ गावों की गाइडलाइन बढ़ी थी. जिसको लेकर विरोध भी हुआ था, जबकि कुछ गांव इससे छूट गए थे। इस बार उन गांवों को भी लिस्ट में शामिल किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के जेतपुरा, राजोदा, कपेल जैसे इलाकों में गाइडलाइन बढ़ोतरी की तैयारी है। हालाकि अंतिम फैसला जिला मूल्याकन समिति की बैठक में लिया जाएगा, लेकिन साफ है कि इंदौर में प्रॉपर्टी के दाम एक बार फिर ऊपर जाने वाले हैं।