MP News: निगम के अंतर्गत आने वाले 22 जोन में जमीन, क्युनिटी हॉल, मार्केट, ग्रीन बेल्ट और लीज भूमि आदि का व्यवस्थित रिकॉर्ड संधारित करने के लिए यह भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।
MP News: शहर में नगर निगम की अचल संपत्तियों का रिकॉर्ड दुरूस्त नहीं है। इसके लिए निगमायुक्त ने अब संपत्तियों का भौतिक सत्यापन करने के लिए जोनवाइज दो अलग-अलग दल बना दिए हैं। साथ ही 7 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रिकॉर्ड दुरूस्त करने के साथ निगम की संपत्तियों को अतिक्रमण व अवैध कब्जों से मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। निगम की समस्त अचल स्पत्तियों का भौतिक सत्यापन करने के लिए निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने जोनवाइज दो दल बनाए हैं।
इसके चलते राजस्व विभाग के उपायुक्त केएस सगर को जोन-1 से 11 तक और उपायुक्त प्रदीप जैन को जोन- 12 से 22 तक की जिम्मेदारी दी गई है। इन दोनों अफसरों के नेतृत्व में जोन पर तैनात सहायक राजस्व अधिकारी, बिल कलेक्टर और वार्ड के उपयंत्री निगम की अचल संपत्तियों का भौतिक सत्यापन करेंगे।
निगम लीज की संपत्तियों का भौतिक सत्यापन कर सूची व जानकारी लीज शाखा से उपयंत्री निकिता पंचरत्न और मार्केट विभाग से संबंधित समस्त अचल संपत्तियों का भौतिक सत्यापन कर सूची प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी महेंद्र राठौर द्वारा उपलब्ध कराए जाने के निर्देश हैं। गठित दल निगम स्वामित्व की समस्त अचल संपत्तियों का सत्यापन 7 दिन के पहले करके रिपोर्ट राजस्व विभाग के अपर आयुक्त शृंगार श्रीवास्तव को देंगे।
गौरतलब है कि निगम के अंतर्गत आने वाले 22 जोन में जमीन, क्युनिटी हॉल, मार्केट, ग्रीन बेल्ट और लीज भूमि आदि का व्यवस्थित रिकॉर्ड संधारित करने के लिए यह भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। रिकॉर्ड व्यवस्थित न होने से निगम को जहां कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं निगम स्वामित्व की भूमियों पर अतिक्रमण, अवैध निर्माण और कब्जा होने की स्थिति अलग बन रही है।
ऐसा निगम रिकॉर्ड में जानकारी का अभाव होने की वजह से हो रहा है। इसलिए निगम अपनी समस्त अचल संपत्ति का सत्यापन करा रहा है, निगम की संपत्ति का व्यवस्थित रिकॉर्ड संधारित हो जाए और अतिक्रमण के साथ कब्जे हटाने की कार्रवाई की जा सके।
इंदौर जिले में प्रॉपर्टी की नई गाइडलाइन 1 अप्रेल से लागू हो चुकी है। जिले की 2606 लोकेशन पर दरों में वृद्धि की गई है, जिसमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी इंदौर-3 क्षेत्र में हुई है। नई गाइडलाइन में 162 नई कॉलोनियों को भी शामिल किया गया है। इन कॉलोनियों को जोड़ने से शहर के नए विकसित क्षेत्रों में प्रॉपर्टी पंजीयन की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शामिल किया जा सकेगा। इससे उन इलाकों में संपत्तियों की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री कराने में लोगों को सुविधा मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि गाइडलाइन दरों में बदलाव से राजस्व में भी वृद्धि होगी और संपत्तियों के वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप रजिस्ट्री हो सकेगी। नई दरें लागू होने से जमीन और मकानों की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को उसी के अनुसार शुल्क देना होगा।