
संजय जोशी @ इंदौर. शहर के एक संभ्रांत परिवार ने धमकी दी है कि कड़ी मेहनत कर नीट एक्जाम में बैठी उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिला तो माता-पिता व बेटी आत्महत्या कर लेंगे। प्रदेश में एक बार फिर पीएमटी की तरह नीट की परीक्षाएं आयोजित हुईं, लेकिन एक आरटीआई कार्यकर्ता ने फर्जीवाड़े की शिकायत की और उसका खामियाजा उन छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने पूरी मेहनत से परीक्षा दी है। ऐसी ही एक इंदौर की छात्रा का पूरा परिवार आत्महत्या करने की बात कर रहा है।
संतोष अनुरागी (एक ऑटोमोबाइल कंपनी के अफसर) ने दावा किया है कि उनकी बेटी रुचिका ने पूरी मेहनत के साथ नीट की परीक्षा दी थी। अब यदि बेटी को इंसाफ नहीं मिला तो वे पूरे परिवार के साथ आत्महत्या कर लेंगे। इस संबंध में वो एक पत्र प्रधानमंत्री को लिख रहे हैं। यदि वहां से उनको संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह अपने परिवार को जहर दे देंगे।
600 एडमिशन पर शक
पीडि़त संतोष कुमार ने बताया कि उनकी बेटी को 12वीं में 100 प्रतिशत नंबर मिले थे, तब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने निजी तौर पर पत्र लिखकर बधाई दी थी। नीट में चयन होने के बाद भी एडमिशन नहीं होने के कारण पूरा परिवार हताश है। चार दिन पहले रुचिका की मां ने जहर खा लिया था। उसे किसी तरह बचाया है। मां-बेटी न तो ठीक से खाना खा रहे हंै और न ही कहीं आना-जाना कर रहे हैं। इसके कारण संतोष को दिनभर डर लगा रहता है कि कहीं वे कुछ कर न बैठें। बेटी के भविष्य के लिए चंडीगढ़ की कॉरपोरेट जॉब छोड़ कर इंदौर आए संतोष का कहना है कि न्याय नहीं मिला तो और कोई विकल्प नहीं बचेगा। प्रधानमंत्री को पत्र में कहा है कि आठ दिन में न्याय नहीं मिला तो वे तीनों सडक़ पर खुदकुशी कर लेंगे।