
कैंसर सेल, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)
Indore news: विदेश में ब्रेस्ट कैंसर 60 साल की उम्र के बाद होने की आशंका रहती है, जबकि पांच साल पहले तक भारत में यह उम्र 45 साल के बाद मानी जाती थी। अब यह ट्रेंड बदल चुका है। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में एमवायएच अस्पताल की ओपीडी में आने वाली 100 में से 4 से 6 महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर निकलता है। इनमें से एक महिला 25 से 30 साल तक की होती है। डॉक्टर्स कहते हैं कि पहले इस उम्र में ऐसे केस सामने नहीं आते थे। जागरुकता व समय पर जांच से ऐसे केस शुरुआती स्टेज में ही सामने आ रहे हैं। इससे बीमारी समय पर ठीक भी हो रही है। एमवायएच के ब्रेस्ट एंड एंडोक्राइन सर्जन प्रोफेसर डॉ. मनीष कौशल कहते हैं कि जागरुकता लाने व समय पर जांच के लिए अक्टूबर माह को ब्रेस्ट कैंसर अवेयर माह के रूप में मनाया जाता है। एमवायएच में इसे लेकर जागरुकता सत्र हो रहे हैं।
कम उम्र में केस मिलने के पीछे अनुवांशिक कारण अहम माना जाता है, लेकिन इस कारण के बगैर भी महिलाओं में बीमारी के लक्षण मिले है। जल्द पहचान होने से इसे ठीक करने में मदद मिल रही है। एमवायएच में हर माह 20 तो हर साल लगभग 300 मरीजों की ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी हो रही है। इसमें फोर्थ स्टेज वाले मरीज भी होते हैं। आइसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार, 74 वर्ष की आयु तक 25 में से एक महिला को स्तन कैंसर का खतरा रहता है।
डॉ. रितेश तपकिर ने बताया कि स्तन कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में होने पर उपचार के बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। कई बार महिलाएं बदलाव महसूस होने के बावजूद दर्द नहीं होने के कारण जांच कराने में देरी कर देती है। कुछ महिलाएं सामाजिक झिझक, जागरुकता की कमी या परिवार और कामकाज की जिम्मेदारियों के कारण भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज करती है।
डॉ. प्रांजिल मंडलोई के अनुसार, एएससीओ 2026 में ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ की थीम 'हर कहानी अनोखी है, हर सफर मायने रखता है' रखी गई है। नियमित व्यायाम करने वाली महिलाओं में व्यायाम नहीं करने वालों की तुलना में बीमारी का खतरा 8 से 12% तक कम देखा है। अमरीकन सोसायटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी ने व्यायाम-वजन नियंत्रण पर जोर दिया है।
Updated on:
18 Oct 2026 02:52 pm
Published on:
18 Oct 2026 02:52 pm
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