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भोपाल की कंपनी की 50% शेयर हड़पने की कोशिश, इंदौर के बिजनसमैन समेत 4 पर मामला दर्ज

Bhopal company fraud: भोपाल की डेंटल इंप्लांट्स इंडिया कंपनी में डॉक्टर के 25 हजार शेयर कथित तौर पर फर्जी बोर्ड मीटिंग के जरिए ट्रांसफर करने का मामला सामने आया है।
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इंदौर

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Akash Dewani

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Oct 18, 2026

bhopal company fraud shares transfer eow fir indore businessman

Bhopal company fraud: इंदौर के बिजनसमैन समेत 4 पर मामला दर्ज (फोटो सोर्स- Magnific)

Bhopal company fraud: भोपाल की डेंटल इंप्लांट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के 50% शेयर और पूरी कंपनी पर कथित अवैध कब्जे के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू), भोपाल ने इंदौर के कारोबारी सहित चार पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं में एफआइआर दर्ज की है। इन पर आरोप है की फर्जी बोर्ड मीटिंग दिखाकर डॉक्टर के 25 हजार शेयर ट्रांसफर कर लिए थे। मामले में बैंक की मुहर का मिलान करने पर यह फर्जीवाड़ा सामने आया है।

यह है पूरा मामला

ईओडब्ल्यू के अनुसार मामले में कंपनी के डायरेक्टर अभिषेक निगम, इंदौर के जावरा कंपाउंड निवासी कारोबारी अभिनव गुप्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट सत्यजीत चटर्जी और कंपनी सेक्रेटरी पीयूष बिंदल को आरोपी बनाया गया है। शिकायत डॉ. प्रमोद शर्मा ने की थी। ईओडब्ल्यू के मुताबिक, कंपनी की शुरुआत 15 अप्रैल 2011 को हुई थी। इसमें अभिषेक और डॉ. प्रमोद शर्मा की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। आरोप है कि अभिषेक ने डॉ. शर्मा को जानकारी दिए बिना 15 फरवरी 2013 की तारीख की कथित फर्जी बोर्ड मीटिंग दिखाई। इसके आधार पर इंदौर के कारोबारी अभिनव को कंपनी का एडिशनल डायरेक्टर नियुक्त किया गया। इसके बाद डॉ. शर्मा के हिस्से के सभी 25 हजार शेयर अभिनव के नाम ट्रांसफर कर दिए गए।

बैंक की मुहर से खुला फर्जीवाड़ा

शिकायत के अनुसार कंपनी की वर्ष 2012 की बैलेंस शीट और अभिनव गुप्ता की नियुक्ति से संबंधित सूचना नियमों के विपरीत करीब दो साल बाद फरवरी 2015 में पोर्टल पर अपलोड की गई। आइसीआइसीआइ बैंक खाते के वर्ष 2011 के मूल दस्तावेजों पर लगी मुहर से मिलान करने पर 2012-13 के बोर्ड प्रस्तावों पर लगी कंपनी की मुहर कथित तौर पर फर्जी पाई गई। जांच में सामने आए दस्तावेजों पर अभिषेक निगम और अभिनव गुप्ता के हस्ताक्षर होने की बात कही गई है। वहीं, डॉ. शर्मा के हस्ताक्षर और बोर्ड बैठक में जरूरी कोरम का रिकॉर्ड नहीं मिला।

एनसीएलटी में दिए शपथपत्र का भी हवाला

ईओडब्ल्यू के अनुसार मुख्य आरोपी अभिषेक निगम ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष दिए शपथपत्र में डॉ. शर्मा के शेयर अभिनव गुप्ता को ट्रांसफर करने की बात स्वीकार की थी। इसी सहित विभिन्न दस्तावेजों और शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। अब जांच में शेयर ट्रांसफर की प्रक्रिया, दस्तावेजों की सत्यता और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।