पौधे रोपकर दी नई पीढ़ी को छांव की विरासत
इंदौर. ‘पत्रिका’ अपने सामाजिक सरोकार कार्यक्रमों से जागरूकता का संदेश देता रहा है। अमृतम जलम से इंदौर की कान्ह-सरस्वती नदी, तालाब-कुओं-बावडि़यों की सफाई का कार्य करके अमृत को बचाने का प्रयास किया। अब जीवनदायी पेड़ों की विरासत को बढ़ाने के लिए ‘हरित प्रदेश’ अभियान शुरू किया गया। रविवार को इंदौर में इसका आगाज वन विभाग व सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से होगा, जिसमें सैंकड़ों शहरवासी एयरपोर्ट के सामने स्थित सिटी फॉरेस्ट में पौधरोपण किया। सभी शहरवासी शामिल हैं।
पहले यह कार्यक्रम सिरपुर तालाब पर होना था, लेकिन बारिश के चलते जन सुविधा के म²ेनजर स्थान बदला दिया गया था। कार्यक्रम सुबह 10.30 बजे शुरू हुआ। इसमें शहर के दिगंबर जैन समाज जीनियस, सराफा बाजार एसोसिएशन, पीथमपुर औद्योगिक संगठन आदि संस्थाएं व संगठन शामिल हुए। कार्यक्रम के अतिथि संभागायुक्त राघवेंद्र सिंह, एडीजी अजय कुमार शर्मा, सीसीएफ पुरुषोत्तम धीमान व नगर निगम सभापति अजयसिंह नरूका हुए।
बड़े काम के पेड़
- पेड़ बड़े काम के होते हैं। यह मौन खड़ा रह कर अनेक काम करता है। देखें इसके फायदे।
- पेड़ों की हरियाली अधिक तीव्रता के शोर का अवशोषण करती है।
- सघन पेड़ गर्मी के दिनों में 340 से 450 लीटर पानी का वाष्पोत्सर्जन करता है।
- 30-40 वर्गमीटर हरित क्षेत्र एक दिन की जरूरत का ऑक्सीजन देता है।
- 12 मीटर लंबा पेड़ प्रतिदिन 5 किग्रा कार्बोहाइड्रेड बनाता है।
- पेड़ से 10 डिग्री तक तापमान कम किया जा सकता है।
- 2.5 एकड़ का हरित क्षेत्र 4 टन धूल प्रतिवर्ष खींच सकता है।
पेड़ जीवन के साथ कार्बन क्रेडिट भी देंगे
विकास के लिए हरे-भरे पेड़ों को काटना तकनीफदेय है। इससे सुविधाएं तो बढ़ रही है, लेकिन ऑक्सीजन का स्रोत कम हो रहा है और कार्बन बढ़ रहा है। संतुलन बनाए रखने के लिए पेड़ जरूरी हैं। अब तो कार्बन क्रेडिट से पैसा कमा सकते हैं। ‘पत्रिका’ का प्रयास अच्छा है।
-पद्मश्री कुट्टी मेनन, पर्यावरणविद्
मौन रहकर भी जीवनदाता
पेड़ फल-फूल के साथ ही मौन रहकर जीवनदायी ऑक्सीजन देता है। हम इनका फायदा लेते हैं, तो इनके प्रति समर्पण व करुणा का भाव भी होना चाहिए। रखना होगा। हमारी जागरूकता से भावी पीढ़ी को भी इसका फायदा होगा।
- अक्षय कासलीवाल, अध्यक्ष, दिगंबर जैन सोशल गु्रप, जीनियस