
इंदौर. मप्र लोक सेवा आयोग (एमपी पीएससी) ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और गोपनीयता बढ़ाने के लिए एक और कदम उठाया है। अब राज्य सेवा परीक्षा का मूल्यांकन भी ऑनलाइन कराया जाएगा। इसके लिए हर कॉपी पहले स्कैन होगी, फिर जंचवाई जाएगी। इस प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी।
पीएससी हर साल 10 से ज्यादा प्रमुख परीक्षाएं कराता है। एकमात्र राज्य सेवा परीक्षा को छोडक़र 2015 के बाद से सभी परीक्षाएं ऑनलाइन हो रही हैं। पीएससी की कोशिश थी, यह परीक्षा भी ऑनलाइन कराई जाए, लेकिन राज्य सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा में ही करीब डेढ़ लाख आवेदक रहने से इनकी एक साथ परीक्षा कराने के लिए प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
पीएससी ने निर्णय लिया है, यह परीक्षा पेपर-पेंसिल मोड पर ही होगी, लेकिन इसका मूल्यांकन ऑनस्क्रीन कराया जाए। इसकी एजेंसी तय करने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। एजेंसी की जिम्मेदारी होगी कि हर कॉपी को स्कैन कर मूल्यांकन भी कराए। गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म करने के लिए मूल्यांकनकर्ता के कम्प्यूटर पर इंटरनेट कनेक्शन नहीं रहेगा। जिस सॉफ्टवेयर से कॉपी जंचेगी उसमें समय का भी रिकॉर्ड रहेगा।