संस्था के दो सौ से अधिक पीडि़त सदस्य अभी भी हो रहे परेशान उलझनों में फंसी पुष्प विहार कॉलोनी
इंदौर। पुष्प विहार कॉलोनी के 200 से अधिक सदस्य आज भी न्याय के लिए भटक रहे हैं। धीरे-धीरे उनकी उम्मीदों का पुष्प मुरझा रहा है। मुख्यमंत्री के आह्वान के बावजूद न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है तो प्लॉट पर कब्जे के बजाय आश्वासन मिल रहे हैं।
पीपल्याहाना ओवरब्रिज लोकार्पण में आए मुख्यमंत्री शिवराजङ्क्षसह चौहान ने गृह निर्माण संस्था सदस्यों को न्याय देने के साथ माफिया पर कार्रवाई की घोषणा की थी। असर ये हुआ था कि कलेक्टर मनीष ङ्क्षसह व उनकी टीम हरकत में आ गई। इंदौर के इतिहास में वो किया गया, जो कभी नहीं हुआ। संस्था की जमीन खरीद-फरोख्त करने वालों पर थोकबंद मुकदमे दर्ज किए गए। कार्रवाई में मजदूर पंचायत गृह निर्माण संस्था की पुष्प विहार कॉलोनी के सदस्यों को सबसे पहले न्याय दिलाने का श्रीगणेश किया गया। जमीन नपती के बाद संघर्ष समिति व सहकारिता विभाग के माध्यम से प्लॉटों के कब्जे देना शुरू किए। 1155 प्लॉटों की कॉलोनी में 950 सदस्यों के साथ न्याय हो गया, लेकिन 200 के करीब अभी भी बाकी हैं। पीडि़त आशा भरी निगाह से प्रशासन व सहकारिता वालों की तरफ देख रहे हैं ताकि उनको हक मिल जाए। इसको लेकर उन्होंने विधायक महेंद्र हार्डिया से भी गुहार लगाई थी, लेकिन सारा महकमा ठंडा पड़ गया। इसके साथ उनकी उम्मीदों का पुष्प भी अब मुरझाने लग गया है, क्योंकि उन्हें मालूम है मुख्यमंत्री चौहान के सख्त रुख और मनीष ङ्क्षसह जैसे कलेक्टर के रहते उन्हें प्लॉट मिल जाएंगे, अन्यथा जीवन भर उन्हें कोर्ट कचहरी के चक्कर ही काटना पड़ेंगे। वैसे भी दो से तीन दशकों से संघर्ष कर रहे हैं।