टारगेट पूरा न करने वाले जेडओ पर गिरेगी गाज, 19 जोन में रोजाना 20 हजार पंजीयन का दिया लक्ष्य
इंदौर. मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत पंजीयन को लेकर नगर निगम की ढिलाई पर आयुक्त ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने निगम के 19 जोन में रोजाना 20 हजार पात्र महिलाओं का पंजीयन करने का टारगेट जोनल अफसरों (जेडओ) को दिया है। इसके चलते हर जोन पर रोजाना 1053 के आसपास पंजीयन जेडओ को करना है। जो जेडओ यह लक्ष्य पूरा नहीं कर पाएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
निगम का शहरी गरीब उपशमन विभाग मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के आवेदन फॉर्म हितग्राही महिलाओं से ले रहा है। इसके लिए शहर के सभी 85 वार्ड और 19 जोन पर शिविर लगाए गए हैं। इसमें आवेदन फॉर्म लेने के साथ जिन महिलाओं की ई-केवायसी नहीं हुई थी उनकी ई केवायसी भी की जा रही है। योजना के तहत आवेदन फॉर्म 30 अप्रैल तक लिए जाएंगे। लाड़ली बहना योजना के तहत अभी तक क्या काम हुआ और कैसे हो रहा है, इसको जानने के लिए निगमायुक्त हर्षिका सिंह ने कल सिटी बस ऑफिस में निगम के 19 जोन पर तैनात जेडओ, महिला बाल विकास विभाग व फूड कंट्रोल के अफसर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, एमपी ऑनलाइन और सीएससी कियस्को के कर्ताधर्ताओं को तलब किया।
उन्होंने जोनवाइज लाड़ली बहना योजना के कार्य की समीक्षा की तो कई जोन पर ढीलपोल नजर आई। इस पर वे पहले नाराज हुईं। कहना था कि पंजीयन के लिए शिविर चलाए जा रहे हैं, किंतु जिस गति से यह कार्य होना चाहिए था उस गति से नहीं हो रहा है। काम में ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने फिर सख्ती दिखाते हुए पूरे शहर में रोजाना 20 हजार पंजीयन करने का टारगेट जेडओ को दिया। इसके हिसाब से अब हर जोन को रोजाना 1053 के आसपास पात्र महिलाओं का पंजीयन करना होगा। निगमायुक्त सिंह ने शहरी गरीब उपशमन विभाग के अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर को निर्देशित किया कि जो जेडओ टारगेट पूरा नहीं कर पाए उन्हें नोटिस देकर कार्रवाई करें। गौरतलब है कि शहर में योजना का लाभ लेने की पात्रता रखने वाली 3.50 लाख महिलाएं हैं। इनमें से अभी तक 1 लाख 20 हजार महिलाओं का पंजीयन हो गया है। अभी 2 लाख 30 हजार महिलाओं का पंजीयन होना बाकी है। यह देखते हुए निगमायुक्त ने समस्त जेडओ को 20 अप्रैल तक शत-प्रतिशत पंजीयन करने का लक्ष्य दिया है।
जानकारी नहीं तो बैठक में कैसे आ गए
बैठक के दौरान निगमायुक्त सिंह ने ई केवायसी करने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के कर्ताधर्ता लोकेश जोशी से पूछ लिया कि शहर में तुम्हारे कितने सेंटर हैं। इस पर वे जवाब नहीं दे पाए। इस पर निगमायुक्त सिंह ने फटकार लगाई और कहा कि जब आपको सेंटर की जानकारी ही नहीं तो बैठक में कैसे आ गए। अगली बार पूरी जानकारी के साथ आएं।
घर-घर जाएंगी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
जिन पात्र महिलाओं ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है उनको लेने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाएंगी और जोन पर लाकर पंजीयन कराएंगी। इसके साथ ही हर वार्ड में ई केवायसी के लिए एक-एक सेंटर बनाया जाएगा। यहां पर भी महिलाओं को लाने का काम आंगनवाड़ी कर्याकर्ता करेंगी।