हरियाली अमावस्या पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण
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इंदौर। आचार्य श्रीमद् विजय वीररत्नसूरीश्वरजी महाराजा की तृतीय पुण्यतिथि पर श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर उपाश्रय, तिलक नगर में गुणानुवाद सभा आयोजित हुई। सभा में मुनिराज जयंकर प्रभ विजय महाराज साहेब ने प्रवचन दिए। वक्ताओं ने आचार्य के जीवन, व्यक्तित्व और धर्मप्रभावना का स्मरण किया। बताया गया कि उन्होंने 11 वर्ष की आयु में दीक्षा ग्रहण कर संयममय जीवन अपनाया। मालवा क्षेत्र में करीब 30 वर्षों तक धर्मप्रभावना करते हुए उन्होंने अनेक जिनमंदिरों और उपाश्रयों के निर्माण व उद्घाटन में मार्गदर्शन दिया। उनकी प्रेरणा से 269 से अधिक जैन मंदिर एवं उपाश्रय बने। वक्ताओं ने उन्हें करुणा, धर्मप्रभावना और तीर्थरक्षा के प्रति समर्पित संत बताया। श्रद्धालुओं ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।