
जबलपुर. मप्र हाईकोर्ट ने स्वसहायता समूह को दिया गया मध्याह्न भोजन का ठेका निरस्त करने के आदेश पर रोक लगा दी। जस्टिस संजय द्विवेदी की सिंगल बेंच ने मामले पर यथास्थिति बरकरार रखने के निर्देश दिए। कोर्ट ने राज्य सरकार को कहा कि याचिकाकर्ता को दिए गए शोकॉज नोटिस के जवाब पर फिर से विचार कर निर्णय लिया जाए। बिजावर, जिला छतरपुर की गोकुल स्वसहायता समूह की ओर से तर्क दिया गया कि 5 मार्च 2020 को सरकार ने समूह को आवंटित मध्याह्न भोजन का ठेका निरस्त कर दिया। कारण यह बताया गया कि शोकॉज नोटिस का जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। जबकि याचिकाकर्ता ने पूर्व में ही शोकॉज नोटिस का जवाब प्रस्तुत कर दिया गया था। इसके बावजूद उस जवाब पर विचार किए बगैर ठेका निरस्त करने की कठोर कार्रवाई कर दी गई। इससे समूह को नुकसान हुआ। साख को भी धक्का लगा। सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता के जवाब पर फिर से विचार करने का निर्देश देकर याचिका निराकृत कर दी।