जबलपुर

JEE-NEET जरूरी तो, शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शिथिल क्यों !

-अभ्यर्थियों को आशंका भर्ती प्रक्रिया टालना तो नहीं चाहती सरकार!

2 min read
Aug 31, 2020
 teacher recruitment process stop
teacher recruitment process stop

जबलपुर. कोरोना संक्रमण में तेजी के मद्देनजर छात्रों, अभिभावको और विपक्ष के देश व्यापी विरोध को दरकिनार कर मंगलवार से पूरे देश में इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों (JEE & NEET ) में दाखिले की जंग शुरू हो जाएगी। सरकार इसे छात्रहित में लिया गया फैसला बता रही है। लेकिन इसके साथ ही देश के कई प्रदेशों जिनमें मध्य प्रदेश भी शामिल है, वहां शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर रोक है। वह शिक्षक भर्ती प्रक्रिया जो 2018 में शुरू हुई थी। ऐसे में इस शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों को यह भय सताने लगा है कि सरकार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को टालना चाहती है। इसे लेकर तमाम अभ्यर्थी और विपक्ष के नेता इसे मुद्दा बना कर सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़े हुए हैं।

सोशल मीडिया पर जार-ए-बहस में यह सवाल किया जा रहा है कि किसी कक्षा में प्रवेश के लिए अगर परीक्षा हो सकती है तो नौकरी के लिए क्यों नहीं। इसे रोकने का क्या अभिप्राय है। कुछ लोग इसे शिक्षा के राजनीतिकरण से जोड़ कर मुद्दे को गरमाने में लगे हैं।

उनका तर्क है कि एक सितंबर से शुरू होने वाली जेईई मेंस जिसमें 10 लाख छात्र शामिल होंगे और 13 सितंबर को होने वाली नीट जिसमें 16 लाख विद्यार्थी भाग्य आजमाएंगे उसके लिए इतनी तत्परता है तो 2018 में विज्ञापित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को रोकने के पीछे क्या कारण है। उनका कहना है कि अब तो सब कुछ अनलॉक हो चुका है। ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा भी बहाल हो गई है। फिर ये बंदिश क्यों?

बता दें कि 2018 में शिक्षक भर्ती वर्ग एक और दो की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ हुई। 2019 में नतीजे जारी हुए और 2020 की शुरुआत में मेरिट सूची जारी हुई। प्रक्रिया आगे बढ़ती इससे पहले कोरोना संक्रमण ने सब कुछ बाधित कर दिया। पिछले महीने यानी जुलाई में लोक शिक्षण संचालनालय ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कराई। लेकिन अचानक यह प्रक्रिया पुनः शिथिल पड़ गई। इसके पीछे तर्क यह आया कि फिलहाल ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा न होने से अभ्यरिथियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन अब तो वह भी सामान्य हो चला है। ऐसे में अभ्यर्थी सहमें हैं कि सरकार प्रक्रिया को टालने की साजिश तो नहीं रच रही है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि लॉकडाउन के बाद बस मालिकों ने विभिन्न मांगों को लेकर संचालन बंद कर रखा था। लेकिन दो सितंबर से प्रदेश में बसों का संचालन भी शुरू हो जाएगा। अब तो सार्वजनिक परिवहन की समस्या भी खत्म हो जाएगी। फिर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने में अड़ंगा क्यों और कैसे? हालांकि इस मामले में लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।

ऐसे में अब जो सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है उसमें कई अभ्यर्थी यहां तक कहने लगे हैं कि उन्होंने तो मान लिया है कि सरकार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया आरंभ नहीं करने वाली। लिहाजा अब तैयारी भी बंद कर दी है, हम लोगों ने।

फैक्ट फाइल
30,594 पदों पर भर्ती होनी है स्कूल शिक्षा और आदिमजाति कल्याण विभाग में
50 फीसद पद प्रतीक्षासूची में है
45, 891 अभ्यर्थियों को सत्यापन प्रक्रिया में शामिल होना है

Published on:
31 Aug 2020 01:49 pm