जबलपुर

Bishop fraud: पचमढ़ी में रिसॉर्ट के लिए 1 लाख वर्गफीट जमीन का किराया मात्र साढ़े 12 हजार रुपए, जानें पूरा मामला

Bishop fraud: प्रदेश के सबसे पसंदीदा हिल स्टेशन पचमढ़ी में रिसॉर्ट के लिए 1 लाख वर्गफीट से अधिक भूमि 14 साल की लीज पर मात्र साढ़े 12 हजार रुपए मासिक किराए पर मिलने की क्या आप कल्पना कर सकते हैं?

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Feb 22, 2025
Bishop fraud

Bishop fraud: प्रदेश के सबसे पसंदीदा हिल स्टेशन पचमढ़ी में रिसॉर्ट के लिए 1 लाख वर्गफीट से अधिक भूमि 14 साल की लीज पर मात्र साढ़े 12 हजार रुपए मासिक किराए पर मिलने की क्या आप कल्पना कर सकते हैं? लेकिन, फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड बर्खास्त बिशप डॉ. पीसी सिंह ने यह कारनामा कर दिखाया है। सिंह ने नागपुर डायोसेशन ट्रस्ट एसोसिएशन की पचमढ़ी स्थित बेशकीमती भूमि सतपुड़ा रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड के संचालक प्रमोद पुरी का दे दी। मामले की जांच के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने बर्खास्त बिशप पीसी सिंह, रिसोर्ट संचालक पुरी और एमके सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

Bishop fraud: यह है मामला

चर्च ऑफ नार्थ इंडिया के अंतर्गत नागपुर डायोसेशन आता था। जिसमें जबलपुर और भोपाल भी शामिल थे। लेकिन इसे तोडकऱ जबलपुर और भोपाल डायोसिस बनाया गया। चूंकि नागपुर डायोसेशन की जमीन इन दोनों डायोसिस के पास थी, इसलिए नागपुर डायोसिस ने संपत्ति की पावर ऑफ अटर्नी व देखरेख की जिमेदारी इन दोनों डायोसिस को दे दी थी। यह पावर ऑफ अटॉर्नी 19 फरवरी 2017 को पीसी सिंह के नाम पर आई।

Bishop fraud: सचिव के नाम पर की, फिर दी

पीसी सिंह ने भोपाल डायोसिस के अंतर्गत आने वाली पचमढ़ी की बेशकीमती जमीन का अधिकार पत्र जबलपुर डायोसिस के तत्कालीन सचिव एमके सिंह को दिया। राजस्व रिकॉर्ड में जमीन एमके सिंह के नाम पर दर्ज कराई। इसके बाद जमीन को 14 सालों के लिए रिसोर्ट को लीज पर दे दिया।

Bishop fraud: नहीं ली अनुमति

जांच में खुलासा हुआ कि पीसी सिंह को उक्त जमीन को देने का अधिकारी नहीं था। इस संबंध में नागपुर डायोसेशन की अनुमति भी नहीं ली गई। इतना ही नहीं प्रदेश के प्रमुख हिल स्टेशन पर प्राइम लोकेशन की भूमि अत्यधिक कम किराए में लीज पर रिसोर्ट को दे दी।

Updated on:
22 Feb 2025 02:13 pm
Published on:
22 Feb 2025 01:54 pm
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