
जबलपुर. मेडिकल कॉलेज में ऑर्थो पीजी से प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे भागवत देवांगन (28) की आत्महत्या मामले की जांच एक तरफ जहां गढ़ा पुलिस कर रही है। वहीं रविवार को भागवत देवांगन के भाईयों ने मामले में नेशनल एंटी रैगिंग हेल्पलाइन नम्बर पर मामले की शिकायत की। नेशल कमेटी ने मामले को गम्भीरता से लिया है। परिवार से पूरी जानकारी ली और कार्रवाई का भरोसा दिया।
भागवत देवांगन के बड़े भाई प्रहलाद ने बताया कि उसने नेशनल ऐंटी रैगिंग के हेल्पलाइन नम्बर पर 18001805522 पर शिकायत की। वहां से शिकायत नम्बर एमपी-पी 6412 दिया गया। बताया गया कि प्रकरण बेहद गम्भीर है। मामले में निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई होगी। यूजीसी के गाइडलाइन के अनुसार हर कॉलेज में एंटी रैगिंग कमेटी गठित होती है। स्थानीय स्तर पर भी इस तरह की शिकायत मिलने पर कमेटी को कार्रवाई करने का अधिकार होता है। पर भागवत देवांगन के मामले में अब तक कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि पांच सीनियर्स पर प्रताडि़त करने का लिखित आदेश डीन सहित गढ़ा थाना को दिया गया है।
ये है मामला
जांचगीर चांपा के रहौद निवासी भागवत देवांगन ने पीजी आर्थोपेडिक-2020 के प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया था। एमबीबीएस उसने पुणे स्थित मेडिकल कॉलेज से किया था। हास्टल नम्बर तीन में एक अक्टूबर को उसने पंखे में रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। एक महीने पहले भी उसने अधिक मात्रा में दवा खाकर इस तरह की कोशिश की थी। तब इलाज के बाद काउंसलिंग की गई थी। तब वह एक महीने की छुट्टी पर चला गया था। 25 सितम्बर को ही वह जबलपुर लौटा था। गढ़ा पुलिस भाई प्रहलाद की शिकायत पर जांच कर रही है।