सांस्कृतिक महोत्सव का केन्द्र बनेगा चौंसठयोगिनी मंदिर!

जबलपुर में खजुराहो महोत्सव की तर्ज पर आयोजन के लिए प्राचीन स्थल की तलाश कर रहा संस्कृति विभाग 
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Updated: 4 Oct 2016, 7:11 AM IST
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जबलपुर. अगर सबकुछ योजना के अनुसार रहा तो जबलपुर का एेतिहासिक चौंसठयोगिनी मंदिर प्रदेश में सांस्कृतिक महोत्सव के आयोजन का बड़ा केन्द्र बन सकता है। संस्कृति विभाग जबलपुर में खजुराहो महोत्सव की तर्ज पर सालाना एक बड़े आयोजन के लिए प्राचीन स्थल की तलाश कर रहा है। एेसे में प्रशासन चौंसठयोगिनी मंदिर व त्रिपुर सुंदरी मंदिर में से किसी एक के चयन पर विचार कर रहा है। एेतिहासिक महत्व के मद्देनजर चौंसठयोगिनी मंदिर के चुने जाने की संभावना ज्यादा है। इसका बड़ा कारण मंदिर परिसर का विशालता है। संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव ने 10 दिवसीय वार्षिक आयोजन के स्थल चयन के लिए प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया है। इसके बाद से प्रशासन ने संभावित स्थलों के संबंध में मैदानी अमले के साथ मंथन शुरू कर दिया है। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े जानकारों का मानना है कि चौंसठयोगिनी मंदिर में अगर वार्षिक महोत्सव शुरू होता है तो भेड़ाघाट में पर्यटन कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।

...इसलिए है सबसे मजबूत दावेदारी
10 वीं सदी में निर्मित
64 योगिनी हैं स्थापित
150 से ज्यादा सीढिय़ां
10 एकड़ में निर्मित परिसर
10 हजार वर्गफीट का स्थान
1000 लोगों के लिए स्थान

खास बातें...
मंदिर में भगवान शंकर व माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित है
कल्चुरीकालीन स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना
मुगल शासकों ने प्रतिमाओं को पहुंचाया था नुकसान
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