
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर कलेक्टर को गोहलपुर के समीप लेमा गार्डन के सरकारी आवासों से अतिक्रमण की जांच कर हटाने के निर्देश दिए। एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय यादव व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने कहा कि अवैध कब्जे पाए जाने पर विधि अनुसार हटाकर रिपोर्ट पेश की जाए। राजस्व अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कोई दिक्कत आती है तो एसपी से पुलिस बल की मांग कर सकते हैं। एसपी पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। कोर्ट ने कलेक्टर को 22 मार्च के पहले एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा। अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।
हाईकोर्ट ने कलेक्टर को दिए निर्देश
लेमा गार्डन के सरकारी आवासों से अवैध कब्जे हटाकर पेश करो रिपोर्ट
पूर्व पार्षद मुरली दुबे की ओर से याचिका दायर की गई। अधिवक्ता सीएम तिवारी ने कोर्ट को बताया कि जबलपुर के गोहलपुर के समीप लेमा गार्डन में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगर निगम की निगरानी में 434 मकानों का निर्माण किया गया था। इन्हें गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले लोगों के लिए तैयार किया गया था। इनके आवंटन के लिए नगर निगम को 1160 आवेदन प्राप्त प्राप्त हुए। सभी ने मकान के लिए 40-40 हजार रुपए जमा किए थे। लेकिन इन हितग्राहियों को आवासों का आवंटन नहीं हुआ। बल्कि क्षेत्रीय पार्षद ताहिर अली ने आवासों में अपने लोगों को कब्जा करा दिया। तर्क दिया गया कि उक्त योजना के अंतर्गत निर्मित मकान सार्वजनिक संपत्ति हैं। ये सरकारी भूमि पर निर्मित हैं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि याचिका को ही अभ्यावेदन मानकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की जाए। जांच के बाद सभी लोगों को सुनवाई को पर्याप्त अवसर देते हुए विधि अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। यदि कोई व्यक्ति राजस्व अधिकारियों के निर्णय से प्रभावित होता है तो वह सक्षम न्यायालय में जाने के लिए स्वतंत्र होगा। आदेश पारित करने के बाद कलेक्टर को एक सप्ताह का समय देना होगा। कोर्ट ने कलेक्टर को 22 मार्च के पहले रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा। मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी। राज्य सरकार का पक्ष अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्पेंद्र यादव ने रखा।