
जबलपुर। कोरोना फिर सिर उठा रहा है। शहर में संक्रमण से बचाव में लापरवाही शुरू होते ही कोरोना के नए मरीज बढऩे लगे हैं। पिछले माह के मुकाबले इस माह में कोरोना के नए मरीज मिलने की दर लगभग दोगुनी हो गई है। यह दर अब प्रतिदिन बढ़ रही है। जिले में फरवरी में कोरोना के कुल 382 नए मरीज मिले थे। मार्च के 12 दिन में ही 318 नए संक्रमित मिल चुके हैं। यह स्थिति शहर में संक्रमण की नई लहर की ओर संकेत दे रहा है। लापरवाही बंद नहीं हुई तो शहर एक बार फिर कोरोना की गम्भीर चपेट में आ सकता है। इस बीच विक्टोरिया अस्पताल के कोविड वार्ड को फिर से संक्रमितों के लिए तैयार किया रहा है।
प्रशासन की ढिलाई पड़ रही भारी
कोरोना टीकाकरण की शुरुआत के साथ संक्रमण के रोकथाम को लेकर प्रशासन की कार्रवाई ढीली पड़ गई है। इससे आम लोग भी लापरवाही पर उतारू हो गए हैं। यह नियंत्रण में आए कोरोना के फिर से हावी होने में मददगार साबित हो रहा है। सडक़ों पर उमड़ती भीड़ के बीच सोशल डिस्टेंसिंग गायब हो गई है। लोग बिना मास्क के घरों से बाहर निकल रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों और बाजारों में सेनेटाइजेशन की व्यवस्थाएं अब नदारद है। पुलिस और प्रशासन की बिना मास्क घूमने वालों और कोरोना प्रोटोकॉल तोडऩे वाले कारोबारियों पर कार्रवाई बंद होने से भी मनमानी बढ़ गई है। इसे कोरोना के नए मरीज बढऩे का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
नागपुर, इंदौर के हालत से सम्भलने की जरूरत
कोरोना काल में बुरे दौर से गुजरे नागपुर और इंदौर में हालात फिर बिगड़ रहे हैं। संक्रमण के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण के लिए नागपुर में लॉकडाउन की तैयारी हो गई है। इन दोनों जगह के साथ शहर का निरंतर जुड़ाव है। जानकारों के अनुसार दोनों शहरों में संक्रमण के फिर से फैलने में प्रमुख कारण मास्क लगाने और सोशल डिस्टेसिंग में लापरवाही मानी जा रही है। इन शहरों की स्थिति से सबक नहीं लेने पर यहां भी स्थिति अनियंत्रित हो सकती है।