जबलपुर

कोरोना इलाज में लापरवाही पर याचिका लगाई, उल्टा कोर्ट ने डॉक्टर्स, पुलिस की सराहना कर दी

कोरोना इलाज में लापरवाही पर याचिका लगाई, उल्टा कोर्ट ने डॉक्टर्स, पुलिस की सराहना कर दी
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Aug 30, 2020
corona treatment
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जबलपुर। मप्र हाइकोर्ट ने एक बार फिर कोरोना से लडऩे के लिए डॉक्टर्स और पुलिसकर्मियों की प्रशंसा की। कोर्ट ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने में डॉक्टर्स और पुलिसकर्मियों ने सराहनीय कार्य किया। राज्य सरकार ने भी इसके लिए प्रभावी कदम उठाए। इस मत के साथ चीफ जस्टिस एके मित्तल व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने कोरोना संक्रमण के सम्बंध में सरकार की निष्क्रियता का आरोप लगाने वाली याचिका निरस्त कर दी।

हाइकोर्ट ने कोरोना संक्रमण के मामले में कहा: जनहित याचिका की निरस्त
डॉक्टर्स, पुलिस ने किया सराहनीय काम, सरकार ने उठाए प्रभावी कदम

होशंगाबाद निवासी सामाजिक कार्यकर्ता भगवती उर्फ भावना विष्ट की ओर से मार्च की शुरुआत में यह जनहित याचिका दायर की गई। अधिवक्ता प्रमोद सिंह तोमर ने तर्क दिया कि कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए राज्य सरकार ने समुचित इंतजाम नहीं किए हैं। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्पेंद्र यादव ने कोर्ट को बताया कि कोरोना को लेकर कई याचिकाएं हाइकोर्ट में दायर की गईं। कोर्ट को इन सभी याचिकाओं के जवाब में वस्तुस्थिति बताई जा चुकी है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। कोरोना के मरीजों व संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने समुचित कदम उठाए हैं।

कोरोना पीडि़तों के नाम उजागर करने के खिलाफ दायर याचिका खारिज
हाईकोर्ट ने कोरोना मरीजों का नाम उजागर करने का आरोप लगाने वाली याचिका वापस लिए जाने का आग्रह मंजूर कर लिया। चीफ जस्टिस अजय कुमार मित्तल व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने आग्रह पर याचिका खारिज कर दी। इंदौर निवासी अधिवक्ता ईश्वर कुमार प्रजापति की ओर से अधिवक्ता कीर्ति अग्रवाल ने तर्क दिया कि शासकीय व निजी अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों, क्वारंटाइन सेंटर व होम आइसोलेशन वाले लोगों की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रसारित न किए जाने के दिशा-निर्देश का पूरी तरह पालन नहीं हो रहा। बहुत से मामलों में संक्रमितों के नाम उजागर किए जा रहे हैं। इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने जनहित याचिका में उठाई गई मांग का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता से मामले का सीधा कोई सरोकार नहीं है।

Updated on:
30 Aug 2020 01:04 pm
Published on:
30 Aug 2020 01:04 pm