
जबलपुर। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि कटनी, मंडला, बालाघाट सहित प्रदेश के 9 जिलों के जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीन कब तक लगाई जाएगी? एक्टिंग चीफ जस्टिस संजय यादव व जस्टिस राजीव कुमार दुबे की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी। अगली सुनवाई 24 नवंबर नियत की गई।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से 24 नवम्बर तक मांगी स्टेटस रिपोर्ट
कटनी के दिव्यांशु मिश्रा की ओर से जनहित याचिका दायर की गई। याचिका में कहा गया कि कटनी के जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन के लिए 2017 में टेंडर निकाला गया था। मेसर्स सिद्धार्थ एमआरआई एंड सीटी स्कैन कंपनी को फरवरी 2019 तक जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगानी थी, लेकिन अभी तक सीटी स्कैन मशीन नहीं लगाई गई । मेसर्स सिद्धार्थ एमआरआई एंड सीटी स्कैन कंपनी को कटनी के साथ ही मंडला, रतलाम, बालाघाट, मंदसौर, शाजापुर, धार, खंडवा और शहडोल के जिला अस्पतालों में सीटी स्कैन मशीन लगाने का ठेका मिला था। अधिवक्ता योगेश सोनी ने तर्क दिया कि जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन की काफी जरूरत पड़ रही है।
इधर, अर्जित अवकाश का करो नकद भुगतान
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि दो माह के भीतर याचिकाकर्ता कर्मचारी को तीन सौ दिन के अर्जित अवकाश का नकद भुगतान किया जाए। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की सिंगल बेंच ने निर्देश का पालन करने के लिए तीन माह का समय देकर याचिका का पटाक्षेप कर दिया। तिलवारा रोड निवासी सेवानिवृत्त सहायक शिक्षक सुरेश कुमार सैनी की ओर से अधिवक्ता अनिरुद्ध पांडे ने पैरवी की।