
जबलपुर। मदनमहल-दमोहनाका फ्लाईओवर के पियर खड़े करने का काम शुरू हो गया है। पहला पियर मदनमहल क्षेत्र में तैयार किया जा रहा है। महानद्दा में भी पियर के लिए सेंटिंग लगाई जा रही है। पीडब्लूडी के अधिकारियों ने बताया की हाईटेक डिग मशीन से 60 फीट की गहराई तक बोरिंग करने के बाद पियर खड़े किए जा रहे हैं।
यह है स्थिति
100 फीट गहराई तक की गई स्वाइल टेस्टिंग
767 करोड़ निर्माण लागत
36 महीने में 5 जुलाई तक पूरा होना है काम
160 पीयर पर बनेगा फ्लाईओवर
केबल स्टे ब्रिज में स्टील की रस्सी की जाएगी उपयोग
आकर्षक बो स्टे ब्रिज होगा रानीताल क्षेत्र में
सेग्मेंटल कांक्रीट का बनेगा कुछ स्ट्रक्चर
120 स्थान पर की गई स्वाइल टेस्टिंग
फ्लाईओवर निर्माण कार्य में जुटे तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि अब तक दमोहनाका से मदन महल चौक के बीच एक सौ बीस स्थान पर स्वाइल टेस्टिंग की गई है। हाईटेक ड्रिल मशीन से सौ फीट की गहराई तक ड्रिलिंग कर स्वाइल टेस्टिंग की गई है।
साढ़े पांच किलोमीटर की लंबाई वाले फ्लाईओवर में 184 पियर का निर्माण होना है। जिन पर पूरे फ्लाईओवर का फाउंडेशन खड़ा होना है। पियर के लिए बोरिंग करने के काम में फिलहाल एलआईसी से महानद्दा के बीच चार हाईटेक डिग मशीन लगी हैं। कं पनी हाईटेक डिग मशीनों की संख्या बढ़ाने वाली है, जिससे तेज गति से काम हो सके। फ्लाईओवर के पियर पर स्लैब स्थापित करने के लिए स्लैब तैयार करने करमेता में यूनिट लगा ली गई है। जिसमें जल्दी ही स्लैब का निर्माण कार्य शुरू होना है। साढ़े सात सौ करोड़ की लागत वाले फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तीन साल में पूरा किया जाना है।
पाइप लाइन व पोल शिफ्टिंग को देनी होगी गति : दमोहनाका से मदनमहल रेलवे स्टेशन के बीच पाइन की पाइप लाइन व सीवर लाइन की शिफ्टिंग का काम किया जाना है। इसके अलावा बड़ी संख्या में बिजली के पोल शिफ्ट किया जाना है। नगर निगम व बिजली विभाग को ये काम करना है। जानकारों के अनुसार फिलहाल इस दिशा में काम शुरू नहीं हो सका है। जानकारों का मानना है की फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को गति देने के लिए पाइप लाइन व पोल शिफ्टिंग के काम को गति देना आवश्यक है।