'नोटबंदी के बाद हवाला कारोबार में आयी और तेजीÓ
जबलपुर। मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ऋषि कुमार शुक्ला ने रविवार को एक सनसनीखेज बयान दिया है। उनका यह बयान हवाला कारोबार को लेकर है। वे रविवार जबलपुर प्रवास पर आए थे। इस दौरान डीजीपी ने कहा कि नोटबंदी का असर व्यापारियों पर पड़ा है। लेकिन हवाला कारोबार में नोटबंदी का कोई असर नहीं है। बल्कि नोटबंदी के बाद हवाला का कारोबार और तेजी से बढ़ा है। डीजीपी के बयान के बाद प्रदेश में सनसनी फैल गई है।
पुलिस के कार्रवाई का अधिकार नहीं
डीजीपी ने कहा कि नोटबंदी के बाद भ्रष्टाचारियों ने रकम को गलाने के लिए हवाला कारोबारियों का उपयोग किया। कई लोग इनकम टैक्स बचाने के लिए भी हवाला में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जब तक कैश इकोनॉमी है, तब तक हवाला कारोबार चलता रहेगा। डीजीपी ने ये भी माना कि पुलिस के पास हवाला कारोबारियों पर कार्रवाई का अधिकार नहीं है। डीजीपी ने कहा कि ग्वालियर में प्रधानमंत्री के साथ होने वाली आईपीएस मीट में इसे रखा जाएगा, जिससे हवाला कारोबारियों के लिए पुलिस की एक स्पेशल यूनिट तैयार की जा सके।
तनाव पर हो रहा शोध
डीजीपी ने कहा कि पुलिस जवान तनावग्रस्त हैं। इसे कम करने के लिए प्रदेश, देश-विदेशों के विविं में शोध हो रहे हैं। इंदौर और भोपाल में कानून के छात्रों को पुलिस के साथ काम कराया जा रहा है। जबलपुर में भी एेसे प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 2020 तक प्रदेश में 25 हजार नए जवान, दो हजार उप निरीक्षक और 150 उप पुलिस अधीक्षक होंगे। इससे भी पुलिसकर्मियों का तनाव कम होगा।
'रुस्तमजीÓ अवार्ड के लिए नागोतिया का नाम
डीजीपी ने भेड़ाघाट पुलिस द्वारा कई गांवों को नशामुक्त और अपराध मुक्त करने के सवाल पर चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें पुलिस अधिकारियों ने जानकारी ही नहीं दी। इस पर एसपी शशिकांत शुक्ला ने उन्हें गांव की जानकारी दी। डीजीपी ने आईजी जयदीप प्रसाद और एसपी शशिकांत शुक्ला को थाना प्रभारी एमडी नागोतिया का नाम 'रुस्तमजीÓ अवॉर्ड के लिए भेजने के निर्देश भी दिए।