
जबलपुर। शहर के दो वरिष्ठ डॉक्टरों के बीच सांप सीढ़ी का खेल चल रहा है। गजब की बात ये है कि दोनों ही 99 के अंक पर आउट हो जाते हैं यानि कि जब वे काम संभालने लगते हैं तो उन्हें पद से हटा दिया जाता है। जी हां, जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की कुर्सी को प्रशासन ने ‘पेंडुलम’ बना दिया है। फिहहाल इस पद से डॉ. मनीष मिश्रा को शासन ने मंगलवार को हटा दिया। उनकी जगह डॉ. रत्नेश कुररिया को फिर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश शासन की ओर से मंगलवार देर शाम यह आदेश पहुंचा। डॉ. मिश्रा को उनके मूल पद रेडियोलॉजिस्ट में भेज दिया गया है।
कोरोना की रफ्तार बढ़ते ही डॉ. कुररिया फिर बने फिर सीएमएचओ, डॉ. मिश्रा को मूल विभाग में भेजा
‘कुर्सी दौड़’ में फंस गया मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पद, फिर हुए इधर से उधर
जानकारी के मुताबिक हाल-फिलहाल में तीसरी बार इस तरह का बदलाव किया गया है। विभाग में यह भी चर्चा है कि जब-जब कोरोना का संक्रमण बढ़ा है, तब-तब डॉ. कुररिया की सेवाएं ली गईं। वहीं, सूत्रों का कहना है कि असल में इस पद के लिए ‘कुर्सी दौड़’ चल रही है। कहा यह भी जा रहा है कि इस पद पर कुछ नेताओं की नजर रहती है। जैसे ही उन्हें मौका मिलता है, वे अपने खास को इस कुर्सी पर बिठलवा देते हैं। बार-बार बदलाव के चलते कुछ अफसर भी हैरान हैं। दबी जुबान उनका कहना है कि इस कुर्सी का गणित फिलहाल तो उनकी समझ के बाहर है।
कुछ इस तरह चला है कुर्सी का चक्कर
चार जून 2020 डॉ. मनीष मिश्रा को हटाकर डॉ. कुररिया को सीएमएचओ बनाया गया था। 30 सितम्बर 2020 की शाम को डॉ. कुररिया को पद से हटाने का आदेश आ गया था। उनकी जगह डॉ. मिश्रा को यह पद दिया जाना था। लेकिन, उसी ही रात उक्त आदेश फिर से बदल गया। बाद में चार फरवरी 2021 को डॉ. मिश्रा को सीएमएचओ बना दिया गया। डॉ. कुररिया फिर से हटा दिए गए। अब फिर से वही कहानी दोहराई गई। डॉ. कुररिया फिर से सीएमएचओ बना दिए गए।
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन होंगे डॉ. अरोरा
विक्टोरिया जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को बदल दिया गया है। सिवलि सर्जन के रूप में पदस्थ डॉ. आरके चौधरी की जगह अब डॉ. सीवी अरोरा को जिम्मेदारी दी गई है। मंगलवार देर शाम स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी किए हैं।