जबलपुर

पुलिस के पसीने से महका कांटों का संसार, 6वीं बटालियन में बना प्रदेश का पहला अनोखा ‘कैक्टस गार्डन’

शून्य बजट और जवानों का श्रमदान कैक्टस गार्डन का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रमोद कुमार वर्मा, जबलपुर रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक अतुल सिंह ने किया। कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी ने बताया इस उद्यान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी निर्माण प्रक्रिया है। कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी की दूरदृष्टि से जन्मे इस प्रोजेक्ट के लिए […]

2 min read
Feb 06, 2026
Cactus Garden
  • कैक्टस की 80 फैमिली के 1300 से अधिक पौधे लगाए गए हैं गार्डन में
  • हर कैक्टस की अपनी एक पहचान, खूबी, लोगों के बीच बन रहा आकर्षण का केन्द्रजबलपुर। पर्यावरण संरक्षण और नवाचार की दिशा में पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। शहर की 6वीं वाहिनी, मप्र विशेष सशस्त्र बल के परिसर में प्रदेश का अपनी तरह का पहला कैक्टस गार्डन तैयार किया गया है। 18 हजार वर्गफीट में फैले इस अद्भुत बगीचे को गार्डन ऑफ रेजिलिएंस (संवेदनशीलता का उद्यान) नाम दिया गया है।

शून्य बजट और जवानों का श्रमदान

कैक्टस गार्डन का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रमोद कुमार वर्मा, जबलपुर रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक अतुल सिंह ने किया। कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी ने बताया इस उद्यान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी निर्माण प्रक्रिया है। कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी की दूरदृष्टि से जन्मे इस प्रोजेक्ट के लिए किसी भी प्रकार की शासकीय निधि या बाहरी संस्था की मदद नहीं ली गई। मात्र 6 महीने की कड़ी मेहनत के साथ, वाहिनी के जवानों और पुलिस प्रशिक्षण शाला के प्रशिक्षुओं ने अपने शारीरिक श्रम से इस बंजर जमीन को एक आकर्षक पर्यटन और अध्ययन केंद्र में बदल दिया। जिन पौधों को खरीदा गया है वे स्वयं वहन किए गए हैं।

देश-विदेश की 80 प्रजातियां

कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी के अनुसार 18 हजार वर्ग फीट में फैले इस गार्डन में कैक्टस की 80 से अधिक परिवारों की 1&00 से अधिक प्रजातियां लगाई गई हैं। इन पौधों को देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशी प्रजातियां भी मंगाई गई हैं। यह उद्यान न केवल सौंदर्य का केंद्र है, बल्कि प्रतिकूल परिस्थितियों में जीवित रहने की क्षमता (रेजिलिएंस) का प्रतीक भी है।

अनुशासन और संघर्ष का देगा संदेश

गार्डन बनाने वाले अधिकारियों ने बताया कैक्टस संघर्ष और अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है, जो पुलिस बल के जीवन का भी अहम हिस्सा है। लोकार्पण समारोह में उप सेनानी लामूसिंह श्याम, सहायक सेनानी विजय अंभोरे सहित वाहिनी के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। यह गार्डन अब पुलिस कर्मियों के लिए मानसिक ऊर्जा और पर्यावरण जागरूकता का एक महत्वपूर्ण स्थल बन गया है।

Updated on:
06 Feb 2026 06:38 pm
Published on:
06 Feb 2026 06:37 pm
Also Read
View All

अगली खबर