
जबलपुर. घर की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं पर ही होती है। घर में हर किसी की पसंद का खयाल रखना और उनके लिए काम करना उनकी जिन्दगी का एक हिस्सा बन जाता है। परिवार के सभी सदस्यों की सेहत बनाए रखने के लिए भी महिलाओं को ही मशक्कत करनी पड़ती करती हैं, लेकिन इस बीच वे अपनी सेहत का ख्याल नहीं रख पातीं हैं। यही वजह है कि महिलाओं को कई तरह की बीमारियां घेरने लगती हैं। इसके लिए जरूरी है कि महिलाएं दूसरों की सेहत के साथ-साथ खुद की सेहत के प्रति जागरूक रहें। इस इंटनेशनल विमन हेल्थ डे के मौके पर आइए जानते हैं कि लापरवाही के कारण महिलाओं को किस तरह की बीमारियां जकड़ती हैं। इससे बचाव के लिए वे क्या कर सकती हैं।
ऐसे संवारें हेल्थ की वेल्थ
- विटामिन से भरा हुआ खाना
- दोपहर के वक्त 2 घंटे का आराम
- एरोबिक्स, योगा और फिटनेस एक्टिविटी
- फ्रैश फूड शामिल करना
- डेली 15 से 20 मिनट की वॉक
- ब्रेकफास्ट जरूर करना
- प्रोटीन, फाइबर जैसे सप्लीमेंट्स खाना
- कैल्शियम की जांच करवाना
- डेली बादाम और दूध पीना
अपनी सेहत को रखें बरकरार
महिलाओं को मीनोपॉज एज यानी की 40 प्लस का होने पर कैल्शियम की जांच जरूर करवानी चाहिए। कई बार हार्मोनल चैंजेस होने के कारण भी महिलाओं को कई तरह की प्रॉब्लम होने लगती है। ऐसे में खुद की सेहत को बरकरार रखने के लिए जागरूक होना सबसे ज्यादा जरूरी है।
इससे होता है सेहत पर असर
- खुद के खाने का ध्यान न रखना
- सबकी पसंद के आगे खुद की पसंद न देखना
- डॉक्टर्स चेकअप को नेक्स्ट डे के लिए टालना
- हल्के बुखार को इग्नोर करना
- सुबह जल्दी उठना और देर रात को सोना
- प्रॉपर आराम न करना
ब्रेकफास्ट सबसे जरूरी
डाइटीशियन रितु परोहा का कहना है कि कई महिलाएं ब्रेकफास्ट नहीं करतीं। काम के लोड में वे दूसरों को ब्रेकफास्ट देकर खुद करना भूल जाती हैं। वहीं खाना खाने में भी उन्हें दिन में 2 बज जाते हैं। ऐसे में खाली पेट एसिड जनेरेट होता है। फिर पेट से जुड़ी कई समस्याएं होना शुरू हो जाती हैं। ब्रेकफास्ट से लिवर की एक्टिविटी की शुरुआत हो जाती है, वहीं ब्रेकफास्ट करने के बाद दोपहर का खाना भी जल्दी डाइजेस्ट होता है।
यह बीमारियां होती हैं आम
- लो एंड हाइ ब्लड प्रेशर
- घुटनों का दर्द
- कमर का दर्द
- डाइबिटीज
- थायराइड
- एनीमिया
- गैस्ट्रो प्रॉब्लम
- थकान और कमजोरी