patrikaबरकतुल्लाह विश्वविद्यालय का मामला
जबलपुर । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश विवेक जैन की एकलपीठ ने बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल के प्रोजेक्ट अफसर नरेन्द्र त्रिपाठी की बर्खास्तगी के आदेश पर आगामी सुनवाई तक रोक लगा दी। एकलपीठ ने मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन को जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मामले पर अगली सुनवाई 4 अप्रेल को होगी।
यह था मामला
भोपाल निवासी नरेन्द्र त्रिपाठी की ओर से पक्ष रखा गया। बताया गया कि 21 फरवरी 2024 को याचिकाकर्ता को यह कहकर बर्खास्त कर दिया गया कि जब 1998 में उनकी नियुक्ति हुई थी तब विश्वविद्यालय ने नियमों का पालन नहीं किया था। दलील दी गई कि याचिकाकर्ता पिछले 26 वर्ष से सेवारत है। उसके खिलाफ कोई भी कदाचरण की शिकायत नहीं है। वर्ष 2012 में उन्हें नियमित भी कर दिया गया। अवैध नियुक्ति के संबंध में दो बार जांच हुई है। पहली जांच में याचिकाकर्ता को क्लीन चिट दी गई। दूसरी जांच में याचिकाकर्ता का पक्ष नहीं सुना गया। जिस अधिकारी ने पहली जांच में क्लीन चिट दी थी, उसी ने दूसरी जांच में नियुक्ति को अवैध करार दिया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता की सेवा समाप्ति पर अंतरिम रोक लगा दी।