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‘गारमेंट एक्सपोर्ट’ का बड़ा हब बनेगा जबलपुर, देश के 100 शहरों में होगा शामिल

MP News: जबलपुर गारमेंट के क्षेत्र में पहले से देश के भीतर बड़ा नाम करेगा। यहां के सलवार सूट की मांग दक्षिण के अलावा आधा दर्जन राज्यों में रहती है।

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Major Garment Export

Major Garment Export प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)

MP News: गारमेंट उत्पाद तैयार करने के साथ उसके निर्यात में जबलपुर बढ़ा केंद्र बन सकता है। भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय ने इन्हीं सम्भावनाओं को देखते हुए देश के 100 जिलों में जबलपुर को शामिल किया है। जबलपुर में गारमेंट के साथ हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्रों में सालाना 600 से 700 करोड़ का निर्यात हो रहा है।

इसे बढ़ाने के लिए जिला निर्यात कार्य योजना तैयार की जा रही है। इन उद्योगों से जुड़े लोगों के साथ चेम्बर और विशेषज्ञों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इस एक्शन प्लान को सरकार को भेजा जाएगा। उसी आधार पर जबलपुर में नए गारमेंट क्लस्टर से लेकर दूसरी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

तेजी से बढ़ रहा कारोबार

जबलपुर गारमेंट के क्षेत्र में पहले से देश के भीतर बड़ा नाम है। सलवार सूट की मांग दक्षिण के अलावा आधा दर्जन राज्यों में रहती है। वर्तमान में 600 बडी और छोटी इकाइयां कार्यरत है। गोहलपुर के गारमेंट क्लस्टर में 200 इकाइयां काम कर रही है। सालाना 400 से 500 करोड़ वाला यह कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। अब सलवार सूट के अलावा भी कपड़े तैयार किए जा रहे हैं। इसमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 20 हजार से ज्यादा लोगों को काम मिला है। हथकरघा में एक दर्जन से ज्यादा उत्पाद बनते हैं।

लघु उद्योग संवर्धन बोर्ड में चर्चा

कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की मौजूदगी में जिला स्तरीय लघु उद्योग संवर्धन बोर्ड की बैठक हुई। इसमें जिले में नए औद्योगिक क्लस्टर की स्थापना, नए नए औद्योगिक भूमि आवंटन, विभिन्न सेक्टर में निवेश की सम्भावनाओं, औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं, जिले के एक्सपोर्ट प्लान पर चर्चा हुई।

एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक अनिल कुमार राठौर, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विनीत रजक ने एमएसएमई विभाग की जानकारी दी। हैंडलूम और गारमेंट पर जिला निर्यात एक्शन प्लान तैयार करने के लिए सुरेश पहाड़े ने विवरण दिया। बैठक में अभिषेक गहलोत, डॉ. अर्पित शुक्ला, सुजीत घोष, निशांत मिश्रा, रवि गुप्ता, अशोक परयानी, अनिल अग्रवाल, पंकज महेश्वरी, भावना मादान, दीपक जैन, अनुराग जैन, विवेक मोहन पाठक शामिल हुए।

मध्यप्रदेश में 11, सम्भाग में दो जिले

निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश में ऐसे 11 और छिंदवाड़ा को शामिल किया गया सम्भाग में जबलपुर के अलावा है। एमपीआइडीसी को नोडल एजेंसी बनाया गया है। दोनों जगह निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर, प्रशिक्षण केंद्र, प्रदर्शनी केंद्र, प्रोडक्ट प्रमोशन के लिए एमओयू के अलावा दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।